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नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ
केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
लोक गीतों की धुनों के बीच सीएम आवास में निखरे होली के रंग, होली मिलन कार्यक्रम में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार’
मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक उल्लास के साथआयोजित हुआ होली मिलन समारोह
सीएम धामी ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां जनता ने पुष्पवर्षा कर किया भव्य स्वागत
सीएम धामी ने हल्द्वानी में कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की मां नन्दा राजजात यात्रा मार्गो पर अवस्थापना सुविधाओं केे विकास हेतु ₹ 3.08 करोड की धनराशि

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सीएए कानून के खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह याचिका इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की तरफ से दायर की गई है, जिसमें कानून पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में नागरिकता संशोधन कानून 2019 के प्रावधानों को देश में लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि नागरिकता कानून के तहत कुछ धर्मों के लोगों को ही नागरिकता दी जाएगी और कानून लागू होने से इसके खिलाफ जो याचिकाएं दायर हैं। याचिका में कहा गया है कि अधिनियम और नियमों के परिणामस्वरूप मूल्यवान अधिकार सृजित होंगे और केवल कुछ धर्मों से संबंधित व्यक्तियों को नागरिकता प्रदान की जाएगी, जो कि संविधान के खिलाफ है।

केंद्र सरकार ने सोमवार को ही सीएए कानून लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया है। गौरतलब है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने सीएए को चुनौती देते हुए रिट याचिका भी दायर की थी। आईयूएमएल ने सीएए के खिलाफ दायर अपनी रिट याचिका में अंतरिम आवेदन दिया, जिसमें आईयूएमएल ने तर्क दिया कि किसी कानून की संवैधानिकता तब तक लागू नहीं होगी, जब तक कानून स्पष्ट तौर पर मनमाना हो।

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