Headline
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त से उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 10.08 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर CSC द्वारा प्रदेशभर में योग शिविरों का आयोजन, प्रधानमंत्री कार्यक्रम का होगा सीधा प्रसारण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ किया योगाभ्यास।
मोदीपुरम (मेरठ) से लक्ष्मणझूला (ऋषिकेश) तक नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर का सपना अब साकार होने की ओर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाई शपथ
घर पर अनुपस्थित मतदाताओं के सत्यापन के लिए BLA को साथ लेकर जाएं BLO- मुख्य निर्वाचन अधिकारी
 यदि दिखा मलबा, गड्डे, या क्षतिग्रस्त जल संयोजन, तो कानूनी प्रर्वतन हेतु विभाग रहें तैयार
नेशनल खेलों के चलते भी 14 फरवरी के बाद ही किये जाएं प्रस्ताव- डीएम 
सीवर, पेयजल, विद्युत विभाग को सख्त हिदायत मानके किए जाएं पूरे, वरना अंजाम किसी से अछूता नहीं
शनैः शनैः रोड सेफ्टी समन्वय समिति का महत्व एवं शक्तियां अब समझ रहे हैं इंजीनियरिंग विभाग
देहरादून। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में नेशनल खेलों के चलते 14 फरवरी तक सड़क कटिंग की अनुमति नहीं है। हालांकि जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्थानों को सडक कटिंग के बगैर साइड में परियोजनाओं के कार्य की अनुमति देते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया जनसुरक्षा की कीमत रोड कटिंग नही की जा सकती ऐसा करने वाले अंजाम को तैयार रहे। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि यदि सड़क पर मलबा, गड्डे, या क्षतिग्रस्त जल संयोजन, दिखा तो विभाग कानूनी प्रर्वतन हेतु तैयार रहें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क क्रासिंग वाले स्थानों पर विद्युत, पेयजल, सीवर लाइन विछाने के लिए 15 फरवरी के बाद केवल रात्रि में 10 से सुबह 5 बजे तक ही अनुमति रहेगी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि रात्रि में ही काम पूरा होने के बाद ड्रेन को बंद किया जाए। ताकि कोई दुर्घटना या आम लोगों को कोई परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन कार्याे की पूर्व में अनुमति दी जा चुकी है, वहां पर परियोजना का काम पूरा होने के बाद डामरीकरण सहित अन्य विभागीय कार्याे को भी पूरा किया जाय। जहां पर परिसंपत्तियों को क्षति हुई है उसे ठीक कराया जाए। निर्माणदायी संस्था संबधित विभागों को क्षतिपूर्ति की धनराशि समय से उपलब्ध करें। इस दौरान उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, अधिक्षण अभियंता मुकेश परमार सहित जल संस्थान, जल निगम, विद्युत एवं दूर संचार आदि विभागों के अधिकारी मोजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top