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योजनाओं की गुणवत्ता पूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश

देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अब तक परिषद द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर जल्द से जल्द जे.ई और रोजगार सेवकों के रिक्त पदों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके। उन्होंने ‘मेरी गांव मेरी सड़क’ योजना को ब्लॉक स्तर पर भी तेजी से लागू करने का आदेश दिया और कहा कि इस योजना का क्रियान्वयन उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किया जाना चाहिए।

जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को हर संभव वित्तीय सहायता मिल रही है, जिसे ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने का दायित्व अधिकारियों का है। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र से प्राप्त वित्तीय सहायता का सही उपयोग हो, ताकि हर जरूरतमंद को इसका लाभ मिल सके।” बैठक में उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’, ‘हरेला’ और ‘अमृत सरोवर’ योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी इन योजनाओं के तहत लगाए गए वृक्षों की पूरी जानकारी और मॉनिटरिंग समय पर उपलब्ध कराएं। साथ ही, अमृत सरोवर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए सरोवर के किनारों पर वृक्षारोपण और सब्जी उत्पादन को रोजगार सृजन का माध्यम बनाने पर बल दिया।

जोशी ने कहा कि अमृत सरोवर योजना प्रधानमंत्री का एक विशेष प्रोजेक्ट है, जिससे न केवल पेयजल की समस्या हल होगी, बल्कि सरोवरों के किनारों पर वृक्षारोपण और कृषि कार्यों से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह योजना सुचारू रूप से लागू हो और अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचे।

इस दौरान बैठक में अपर सचिव एवं आयुक्त धीराज सिंह गबर्याल, जिलाधिकारी अल्मोड़ा आलोक कुमार पांडेय, उप आयुक्त परियोजना प्रकाश रावत, और वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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