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देहरादून: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। विभाग के डायरेक्टर वी. मुरुगेशन ने हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली और अब तक की उपलब्धियों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति के तहत प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।

1421 शिकायतें हेल्पलाइन में दर्ज 

डायरेक्टर मुरुगेशन ने बताया कि हेल्पलाइन पर अब तक कुल 1421 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 62 मामलों में ट्रैप और अन्य कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस साल विभाग को दो दर्जन से अधिक नई शिकायतें मिली हैं। विभाग का सक्सेस रेट यानी समाधान और कार्रवाई की दर लगभग 70 प्रतिशत है, जो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

बिना किसी डर के हो शिकायत 

विजिलेंस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि आम जनता बिना किसी डर के अपनी शिकायतें दर्ज करा सके और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

शिकायत के लिए 1064 है हेल्पलाइन नंबर 

डायरेक्टर मुरुगेशन ने प्रदेश की जनता से सीधा आह्वान किया कि यदि उन्हें कहीं भी भ्रष्टाचार या गड़बड़ियो की जानकारी मिलती है, तो वह तत्काल 1064 एंटी-करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि जनता का सहयोग ही इस लड़ाई को सफल बनाएगा।

पारदर्शिता लाने का प्रयास पहल

विजिलेंस विभाग की यह पहल न केवल पारदर्शिता लाने का प्रयास है, बल्कि यह जनता में विश्वास पैदा करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। सरकार और विभाग दोनों ही यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड का सपना जल्द ही साकार हो।

उत्तराखंड सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की एक अहम पहल है। लेकिन प्रदेश में सामने आने वाले लगातार भ्रष्टाचार के मामले यह दिखाते हैं कि अभी भी चुनौतियाँ बरकरार हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह नीति वास्तव में जमीन पर उतरेगी और आम जनता को भ्रष्टाचार से राहत दिला पाएगी? आने वाला समय ही बताएगा कि सरकार की यह सख्त नीति उत्तराखंड को एक भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने में कितनी कारगर साबित होती है।

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