Headline
विकास भवन में तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
स्कूलों में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को ढाई करोड़ स्वीकृत
देहरादून में मतदाता जागरूकता गतिविधियां तेज, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए निर्देश
ऋषिकेश में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 25 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की हुई जांच
FDA आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज, दून क्लब का हांडी रेस्टोरेंट बंद
खटोली तल्ली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 610 लाभार्थी लाभान्वित, 75 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त
कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसरों के साथ सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान: गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट कूच, निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण को 30 करोड़ जारी

देहरादून। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत ने पिंजरे में कैद गुलदार को जिंदा आग के हवाले करने वाले तत्कालीन ग्राम प्रधान सहित पांच ग्रामीणों को एक-एक साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पांचों दोषियों को एक एक साल के साधारण कारावास की सजा के साथ 3500-3500 का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नही करने पर दोषियों को 15 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। पाबौ ब्लॉक के सपलोड़ी गांव में बीते 24 मई 2022 को पिंजरे में कैद गुलदार को आक्रोशित भीड़ ने जिन्दा आग के हवाले कर दिया था। प्रकरण में वन दरोगा की तहरीर पर कोतवाली पौड़ी में तत्कालीन ग्राम प्रधान सहित पांच नामजद व 150 अज्ञात के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम लोक सेवक के कामकाज में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

विकास खंड पाबौ के भट्टी गांव, सरणा, कुलमोरी व सपलोड़ी सहित क्षेत्र के कई गांवों में वर्ष 2022 में गुलदार की लगातार आमद में दहशत बनी हुई थी। सरपतोड़ी गांव निवासी सुषमा देवी अपनी सहेली के साथ 15 मई 2022 की शाम को हरियालीसैढ के जंगल में काफल लेने गई थी घर लौटते समय शाम साढ़े छह बजे गुलदार ने सुषमा पर हमला कर दिया। जिसमें सुषमा की मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने 16 मई 2022 को सपलोड़ी में दो पिंजरें लगाए थे। जिनमें से एक पिंजरें में एक गुलदार कैद हो गया था। इस दौरान वनकर्मी गुलदार को लेने के लिए गांव पहुंचे, तो क्षेत्र के भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई थी।

भीड़ ने पिंजरें में कैद गुलदार को जिंदा आग के हवाले कर दिया था। वन विभाग ने प्रकरण में तहरीर कोतवाली पौड़ी में दी थी। तत्कालीन वन दरोगा बुआखाल अनुभाग सतीश लाल की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, लोकसेवक के कामकाज में बाधा, आपराधिक हमला सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने अदालत में 20 जुलाई 2023 को आरोप पत्र दाखिल किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी लक्ष्मण सिंह की अदालत ने सपलोड़ी के तत्कालीन ग्राम प्रधान अनिल कुमार नेगी, चोपड़ा के देवेंद्र सिंह व सरणा गांव की सरिता देवी, भुवनेश्वरी देवी व कैलाशी देवी को पिंजरें में कैद गुलदार को जिंदा जलाने का दोषी पाया है।

अदालत ने उक्त को एक-एक साल के कारवास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 3500-3500 का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषियों को 15-15 दिन की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top