Headline
जिलाधिकारी ने डीग गेट स्थित आंबेडकर पार्क में स्थापित डॉ0 भीमराव आंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की
राधा रानी की जन्मस्थली बरसाना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 207 करोड़ से अधिक की योजनाओं को दी मंजूरी
मथुरा रिफाइनरी ने किया संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर को नमन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स ऋषिकेश के पांचवें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की
इंजीनियरिंग में भी बढे महिलाओं की भागीदारी – रेखा आर्या
श्मशान घरों की अंत्येष्टि के इंतजार में ग्राम प्रधान
आईपीएल 2025- कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला आज
अलग- अलग निजी अस्पतालों में 15 मरीजों में डेंगू वायरस की पुष्टि 
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी नड्डा का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत

कर्मचारियों का आरोप जिला आबकारी अधिकारी व अन्य कर्मचारियों के साथ किया गया अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज

आबकारी आयुक्त और प्रमुख सचिव से मुलाकात करेंगे आबकारी विभाग के कर्मचारी

गोपेश्वर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी द्वारा जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध की गई कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग के कर्मचारी आक्रोशित हैं।  जिलाधिकारी द्वारा जिला आबकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी, सहायक लेखाकार धीरज भट्ट और कनिष्ठ सहायक मनीष रावत अनुपस्थित पाए गए। कार्यालय केवल पीआरडी कर्मचारी के भरोसे था, जिसके बाद जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकते हुए उनकी सर्विस ब्रेक कर दी, साथ ही अन्य दो कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी।

अब इस कार्रवाई के विरोध में उत्तराखंड के समस्त जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और अधीनस्थ स्टाफ लामबंद हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई साजिशन और झूठे आधार पर की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज किया गया और जिला आबकारी अधिकारी व अन्य कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई।

न्याय की मांग को लेकर सभी कर्मचारी 3 अप्रैल को देहरादून में आबकारी आयुक्त और प्रमुख सचिव से मुलाकात करेंगे। यदि इस मामले में सम्मानजनक समाधान नहीं निकला, तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार और कार्यालय की तालाबंदी करने पर मजबूर होंगे।

कर्मचारियों ने कहा मुख्यमंत्री के निर्देशों में आबकारी महकमा लगातार राजस्व बृद्वि में लगा हुआ है। हर साल लक्ष्य से अधिक राजस्व जुटाया जाता है। आबकारी विभाग की यह कार्यशैली कुछ लोगों को रास नहीं आ रही है। इसलिए वह कर्मचारियों के खिलाफ महौल तैयार कर रहे हैं। कर्मचारियों ने यह भी अपील की है कि इस घटना को सेवा आचरण के दायरे में रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से समाधान की कोशिश की जाएगी। लेकिन, यदि उचित न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top