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अक्सर लोगों को भूख न लगने की शिकायत रहती हैं। भूख न लगना या कम लगना एक आम समस्या हो सकती है। इसके कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं जैसे पाचन तंत्र की गड़बड़ी, तनाव, गलत खानपान या लाइफस्टाइल की वजह से भूख न लगना। लेमानसिक तनाव व चिंता भी भूख लगने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। किन इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। भूख न लगने पर आप ठीक से कुछ खाते नहीं, इससे कमजोरी हो सकती है। शरीर में पौष्टिकता की कमी भी होने लगती है। वजन कम होने लगता है और कई स्वास्थ्य विकारों की संभावना रहती है।

अगर आपको ठीक से भूख नहीं लगती या खाने की इच्छा कम होती है, तो योग इसका प्राकृतिक समाधान हो सकता है। कुछ विशेष योगासन पाचन तंत्र को सक्रिय कर भूख बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं भूख-प्यास बढ़ाने वाले कुछ असरदार योगासन और उनके फायदे।

वज्रासन

भूख बढ़ाने के लिए वज्रासन का अभ्यास भी असरदार है।
खाना खाने के बाद इसका अभ्यास करने से पाचन तेज होता है।
वज्रासन गैस, एसिडिटी और अपच को दूर करता है।

वज्रासन का अभ्यास कैसे करें?

घुटनों को मोड़कर पैरों के बल बैठ जाएं।
रीढ़ को सीधा रखें और हाथ घुटनों पर रखें।
इस मुद्रा में कम से कम 5-10 मिनट तक बैठें।

पवनमुक्तासन

इस आसन के अभ्यास से पाचन तंत्र को मजबूत रहता है।
गैस, कब्ज और बदहजमी की समस्या को दूर होती है।
पवनमुक्तासन भूख बढ़ाने में मदद करता है।

अभ्यास का सही तरीका

पवनमुक्तासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को सीधा रखें।
दाएं पैर को मोड़ें और घुटने को छाती की ओर लाएं।
दोनों हाथों से घुटने को पकड़ें और सिर को ऊपर उठाकर घुटने से मिलाएं।
20-30 सेकंड होल्ड करें और फिर दूसरी टांग से दोहराएं।

भुजंगासन

भुजंगासन के नियमित अभ्यास से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
ये आसन लीवर और आंतों को सक्रिय करता है।
भूख न लगने की समस्या को दूर करता है।

भुजंगासन के अभ्यास का तरीका

पेट के बल लेटकर हाथों को कंधों के नीचे रखें।
फिर सांस अंदर लेते हुए शरीर के ऊपरी भाग को उठाएं।
सिर को ऊपर उठाकर आसमान की ओर देखें।
इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं।

(साभार)

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