Headline
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण
देहरादून के नकरौंदा स्थित होटल/होमस्टे में आबकारी विभाग की छापेमारी, शराब की बड़ी खेप बरामद
10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट
मुख्यमंत्री ने 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण
आगामी विधानसभा चुनाव-2027ः देहरादून में जिला प्रशासन अलर्ट, नोडल अधिकारी तैनात
राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून में होंगे भव्य आयोजन, विकास के 25 वर्षों पर केंद्रित होंगी गतिविधियां
महाराज ने की नवनियुक्त राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट
विकास भवन में तीन दिवसीय प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

प्रयागराज: प्रयागराज में अगले साल आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की। बैठक में CM योगी ने महाकुंभ के दौरान दो महीने तक मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। कुंभ में पहला शाही स्नान 14 जनवरी मकर संक्रांति पर और अंतिम स्नान 26 फरवरी महाशिवरात्रि पर होगा।

संगम की नदियों की सफाई पर जोर
CM योगी ने कहा कि महाकुंभ से पहले गंगा और यमुना नदियां पूरी तरह से स्वच्छ होंगी। बिजनौर से बलिया तक गंगा में किसी भी तरह की गंदगी नहीं छोड़ी जाएगी, जिससे नदी का जल निर्मल बना रहेगा।

होम स्टे की सुविधा
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए होम स्टे की सुविधा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

10 दिसंबर तक तैयारियों की डेडलाइन
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महाकुंभ से जुड़ी सभी तैयारियां 10 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि महाकुंभ 2025 को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

मेला क्षेत्र का विस्तार
2025 में मेला क्षेत्र को 4000 हेक्टेयर तक विस्तारित किया जाएगा, जो 2019 के महाकुंभ में 3200 हेक्टेयर था। इस बार मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए 3 पुलिस लाइन, 3 महिला थाना और 10 पुलिस चौकियों की स्थापना की जाएगी।

CM योगी की इस बैठक में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने साधु-संतों से अनुरोध किया कि आश्रम में ठहरने वाले किसी भी व्यक्ति का सत्यापन किए बिना उन्हें रुकने की अनुमति न दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top