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देहदान के संदेश को आमजन तक पहुंचाने में सुनिश्चित करें भूमिका
मेडिकल छात्र-छात्राओं ने कैडेवर ओथ में किया प्रतिभाग
एनाटमी विषय की गहराई को जानना समझना बेहद जरूरी
देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज के एनाटमी विभाग में कैडेवर ओथ समारोह का आयोजन किया गया। मेडिकल पढ़ाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली संरक्षित मृत देह को मेडिकल भाषा में कैडेवर कहा जाता है। मेडिकल काॅलेज के छात्र-छात्राओं ने कैडेवेरिक शपथ लेते हुए देहदान के प्रति जागरूक किया। एमबीबीएस के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर एवम् विभागाध्यक्ष एनाटमी राजकीय मेडिकल काॅलेज अल्मोडा, डाॅ ए के सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रति-कुलपति श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय डाॅ कुमुद सकलानी, रजिस्ट्रार रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय डाॅ पंकज मिश्रा एवम् श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ उत्कर्ष शर्मा एवम् एनाॅटोमी विभागाध्यक्ष डाॅ. सदाकत अली ने संयुक्त रूप से किया।एम बी बी एस प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के  द्वारा सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का आगाज किया। डाॅ ए के सिंह ने कहा कि कैडेवर मेडिकल छात्र-छात्राओं का पहला अध्यापक होता है जिनसे मेडिकल छात्र-छात्राएं सीधा रूबरू होते हैं और अपने मेडिकल कैरियर की शुरूआत करते हैं। डाॅ उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि एनाटमी विषय को गहराई से जानना समझना बेहद जरूरी है यह एक तरह से मेडिकल पढ़ाई की शुरूआत का आधार है।
डाॅ कुमुद सकलानी ने कहा केवेडर मूक अध्यापक की तरह छात्र-छात्राओं का मागदर्शन करते हैं। डाॅ सदाकत अली ने कहा कि देहदान करने वाले शरीर व आत्माएं महान होती हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्र-छात्राएं इस देहदान के संदेश को समाज में फैलाएं। डाॅ शशि मुन्ज्याल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर उप प्राचार्य, डाॅ. ललित , उप प्राचार्य डाॅ. पुनीत ओहरी, डाॅ ललित वाष्र्णेय, डाॅ तारिख मसूद, डाॅ निधि जैन, डाॅ सुरेखा नौटियाल, डाॅ संजय कौशिक, डाॅ हरमीत कौर, डाॅ रूबीना विक्टर आदि उपस्थित रहे।

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