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चारधाम यात्रा 2026 को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का ऐतिहासिक पहल , ड्रोन से होगी कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंग
’मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की दी शुभकामनाएं’
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग की मास्टर प्लान पुस्तिका का किया विमोचन
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की पड़ताल करने खुद मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
“युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत” – सीएम धामी

शैतान की अपार सफलता के अब अजय देवगन फिल्म मैदान में नजर आएंगे, जिसके निर्देशन की कमान अमित शर्मा ने संभाली है।ताजा खबर है कि सेंसर बोर्ड ने मैदान को यू/ए सर्टिफिकेट देकर हरी झंडी दिखाई है। इसका मतलब इस फिल्म को हर उम्र के लोग देख सकते हैं और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी व्यस्क के साथ यह फिल्म देखनी होगी। यह फिल्म 3 घंटे, 1 मिनट और 30 सेकेंड लंबी होगी।

मैदान की एडवांस बुकिंग विदेशों में शुरू हो चुकी है। इस स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म का निर्देशन अमित शर्मा ने किया है। बोनी कपूर इस फिल्म के निर्माता हैं। प्रियामणि भी इस फिल्म का अहम हिस्सा हैं। मैदान ईद के खास मौके पर यानी 10 अप्रैल को सिनेमाघरों का रुख करने वाली है और टिकट खिडक़ी पर इस फिल्म का मुकाबला अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की फिल्म बड़े मियां छोटे मियां से हो रहा है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मैदान के निर्माताओं को फिल्म में एक डिस्क्लेमर जोडऩे के लिए कहा गया है, जिसमें लिखा है कि यह फिल्म सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध सच्ची घटनाओं, महान फुटबॉल खिलाडिय़ों के विचारों और काल्पनिक तत्वों वाले लेखकों के शोध से प्रेरित एक काल्पनिक कृति है। साथ ही कहा गया है कि अस्वीकरण में यह भी लिखा होना चाहिए कि कुछ संवादों का उपयोग पूरी तरह से घटनाओं को नाटकीय बनाने के लिए किया गया है और यह फिल्म किसी अराजकता को भडक़ाने के लिए नहीं बनाई गई है।

वहीं फिल्म की कहानी के बारे में बात करें तो यह गुमनाम नायक सैयद अब्दुल रहीम की सच्ची कहानी की झलक पेश करेगी, जिन्होंने अपना जीवन फुटबॉल के लिए समर्पित कर दिया और भारत को बहुत गौरव दिलाया। उनकी जीवनी पर आधारित स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म कोच सैयद अब्दुल रहीम के नेतृत्व में भारतीय फुटबॉल के स्वर्ण युग को श्रद्धांजलि है, जिसमें 1951 और 1962 के एशियाई खेलों में टीम की जीत को दर्शाया गया है।

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