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देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज मंगलवार को सेलाकुई स्थित माया ग्रुप ऑफ कालेजेस में दो दिवसीय कृषि विज्ञान मेले का रिबन काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वविद्यालय परिसर के हर्बल उद्यान एवं प्रयोग केंद्र में तुलसी के पौधे का रोपण भी किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मेले के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा कृषि विज्ञान मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें नई तकनीकियों, साधनों और कृषि से सम्बन्धित सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है ताकि किसान आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण फसलों की उपज बहुत कम है जो उत्पादन को प्रभावित करता है। तो, जरूरत है जमीनी हकीकत पर आधारित एक वैकल्पिक रणनीति तैयार करने की जो कृषि और संबंधित उद्यमों के लिए मजबूत हो। ऊंचाई और जलवायु में बदलाव फसल विविधीकरण के लिए प्राकृतिक लाभ प्रदान करते हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में धामी सरकार द्वारा भी कुछ चयनित फसलों की खेती को बढ़ावा देने की योजना बनायी है जैसे- बासमती, सुगंधित बासमती और औषधीय पौधे, सब्जियां, फूल, फल और दूध उत्पादन शामिल है। इस प्रकार, इस नयी नीति का उद्देश्य भोजन, पोषण और आजीविका को सुरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश कृषि के उत्पाद में दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है, कि वर्ष 2030 तक हम विश्व के नंबर एक उत्पादक बनें। इसके लिए प्रदेश में जैविक खेती और प्राकृतिक खेती पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही नई तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है और उत्पादों को बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार छोटे और सीमांत किसानों, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि हो, को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत सभी किसानों को न्यूनतम आय सहायता के रूप में प्रतिवर्ष 6 हज़ार रुपए (तीन महीने में 2,000 रुपए) की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि माया देवी विश्वविद्यालय कृषि क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है और इस ग्रुप द्वारा आयोजित कृषि विज्ञान मेला किसानों और वैज्ञानिकों के बीच ज्ञान साझा करने का एक प्रभावशाली मंच है। उन्होंने कहा कि कृषि हमारे देश और उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की नींव है। देश में कृषि के माध्यम से ही आत्मनिर्भरता लाई जा सकती है। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। फसल उत्पादन में सुधार और 2025 तक हमारे किसान भाइयों की आय दोगुनी करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम निरंतर प्रयासरत हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस तरह के आयोजन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। कृषि मंत्री जोशी ने छात्र-छात्राओं से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को नई तकनीक से कृषि के बारे में जानकारी प्रदान करने का आव्हान भी किया।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विश्वविद्यालय अध्यक्ष एमएली तिवाल, उपाध्यक्ष-डॉ० त्रिप्ति जुयाल सेमवाल, आशीष सेमवाल, डॉ० मीनाक्षी तिवारी, डॉ० हिमांशु पाठक, जुयाल सेमवाल, कुलपति सी सिंह, डॉ.मनोज पाण्डे, जे०पी० मैठाणी, आशीष डबराल, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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