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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,677 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,900 के स्तर से नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के कारण अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली हावी रही। आईटी, बैंकिंग, ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार के दौरान निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जबकि विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

विशेषज्ञों ने निवेशकों को मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच घबराने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बाजार में अस्थिरता कुछ समय तक बनी रह सकती है, इसलिए दीर्घकालिक निवेशकों को रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

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