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नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार से निराश कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए “अत्यावश्यक ज्ञापन” सौंपा है। पार्टी ने चुनाव में “गंभीर अनियमितताओं” की ओर इशारा करते हुए इन शिकायतों की गहन जांच और व्यक्तिगत सुनवाई की मांग की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 12 पन्नों का यह ज्ञापन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। इसमें बताया गया है कि महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले, मुकुल वासनिक और रमेश चेन्नीथला ने चुनाव आयोग के समक्ष यह मामला उठाया।

वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप
कांग्रेस ने दावा किया है कि जुलाई 2024 से नवंबर 2024 के बीच मतदाता सूची में 47 लाख नए मतदाता जोड़े गए। इसके अलावा, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10,000 से अधिक मतदाताओं को जोड़ा या हटाया गया। पार्टी ने यह भी बताया कि 50 निर्वाचन क्षेत्रों में 50,000 से अधिक मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें से 47 सीटों पर सत्ताधारी बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को जीत मिली। कांग्रेस ने इस आरोप के समर्थन में तुलजापुर के मतदाता पंजीकरण अधिकारी द्वारा दर्ज एक एफआईआर का हवाला दिया, जिसमें फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से वोटर रजिस्ट्रेशन का मामला सामने आया था।

मतदान प्रतिशत में संदिग्ध वृद्धि
चुनाव के दिन मतदान प्रतिशत में अचानक हुई वृद्धि को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 58.22% था, जो रात 11:30 बजे तक 65.02% और फिर कुछ घंटों में बढ़कर 66.05% हो गया। कांग्रेस ने इसे “अभूतपूर्व” और असंभव करार दिया। पार्टी के अनुसार, चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, आखिरी घंटे में 76 लाख वोट डाले गए, जो सामान्य प्रक्रिया के अनुसार संभव नहीं है।

जांच और जवाबदेही की मांग
कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा है कि चुनाव आयोग को इन विसंगतियों का तर्कसंगत स्पष्टीकरण देना चाहिए। पार्टी ने आयोग से इन मामलों की जांच करते हुए दोषियों को उजागर करने और खुद को जवाबदेह ठहराने की मांग की। कांग्रेस ने यह भी कहा कि आयोग से व्यक्तिगत सुनवाई की अपील की गई है, ताकि अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उनके समक्ष रखा जा सके।

क्या कहेगा चुनाव आयोग?
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस के इन आरोपों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और क्या कोई ठोस कार्रवाई की जाती है।

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