Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच, राज्य के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अनिल देशमुख पर हमला हुआ है। नागपुर में उनकी गाड़ी पर अज्ञात व्यक्तियों ने पथराव किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तुरंत कटोल सिविल अस्पताल ले जाया गया।

घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, यह घटना नागपुर के समीप जलालखेडा रोड पर बेलफाटा के पास हुई। अनिल देशमुख नारखेड गांव में एक जनसभा में शामिल होने के बाद रात करीब 8 बजे कटोल लौट रहे थे, तभी उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया।

नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने घटना की पुष्टि की और बताया कि हमले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की एक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है, और दोषियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

विधानसभा चुनाव के प्रचार का अंतिम दिन
यह हमला विधानसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन हुआ है। अनिल देशमुख के बेटे सलिल देशमुख कटोल विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार चरणसिंह ठाकुर से है। घटना ने चुनाव प्रचार के आखिरी पलों को और तनावपूर्ण बना दिया है।

एक दिन पहले नवनीत राणा पर हुआ था हमला
अनिल देशमुख पर हुए हमले से पहले, अमरावती जिले में भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा पर भी हमला हुआ था। राणा जब अपने समर्थकों के साथ रात करीब 10 बजे एक जनसभा में पहुंचीं, तो वहां मौजूद भीड़ ने उन पर कुर्सियां फेंकीं और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस घटना में पुलिस ने 45 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और तीन को हिरासत में लिया है।

चुनाव के माहौल में बढ़ते तनाव
चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में हुई इन घटनाओं ने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले से सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि वे हर संभव कदम उठाएंगे ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top