Headline
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील
मुख्यमंत्री ने किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने वन-क्लिक के माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों को जारी की अगस्त माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन
फ्लाइंग कार बनाने वाले रवि टमटा से मिले सीएम धामी, स्टार्टअप को सरकारी मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी का विकास प्राधिकरणों को सख्त निर्देश—लंबित मास्टर प्लान और परियोजनाओं में तेजी लाएं, हर कार्य की तय हो समय-सीमा

कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के करीब तीन महीने बाद, जूनियर डॉक्टरों ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच की धीमी गति पर असंतोष जताया है। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम ने एक बार फिर आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। फोरम का कहना है कि CBI द्वारा दायर आरोप-पत्र में केवल एक आरोपी का नाम है, जिसे पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

9 नवंबर को रैली और सामूहिक सम्मेलन
फोरम के प्रवक्ता देबाशीष हलदर ने आरजी कर अस्पताल में प्रेस वार्ता के दौरान कहा, “हम 9 नवंबर को कॉलेज स्क्वायर से एस्प्लेनेड तक नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों के साथ रैली निकालेंगे।” इसी दिन, एस्प्लेनेड इलाके में रानी रासमणि एवेन्यू पर एक सामूहिक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें मृतका के लिए न्याय की मांग की जाएगी।

CBI आरोप-पत्र में अन्य आरोपियों का नाम नहीं
हलदर ने आरोप लगाया कि CBI के आरोप-पत्र में अपराध में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष सहित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पूरी जांच हुई है?” फोरम ने 4 नवंबर को बंगाल के विभिन्न हिस्सों में न्याय की मांग में दीये जलाने का आह्वान भी किया है।

अस्पताल अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाने की मांग
CBI जांच की धीमी गति पर निराशा जताते हुए हलदर ने कहा कि कनिष्ठ डॉक्टरों को आशंका है कि इस तरह की जांच से आरोपियों को जमानत मिल सकती है। उन्होंने जानना चाहा कि क्या CBI ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है।

तृणमूल कांग्रेस ने किया आंदोलन की आलोचना
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कनिष्ठ डॉक्टरों के आंदोलन को “दिशाहीन” करार दिया है। तृणमूल के वरिष्ठ सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस आंदोलन को माकपा ने हाईजैक कर लिया है और अब इसमें कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि CBI द्वारा मामले की जांच की जा रही है, और यह मामला अदालत में विचाराधीन है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top