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हरिद्वार। उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं। आज निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट भवन पहुंचकर हरिद्वार सीट से नामांकन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुटे। भाजपा से इस सीट पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस ने अभी इस सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यहां से पूर्व सीएम हरीश रावत और उनके बेटे का नाम चर्चा में है। बता दें कि विधानसभा के चुनाव में उमेश कुमार ने भाजपा के गढ़ में खानपुर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीत दर्ज की थी। अब उनके लोकसभा से नामांकन करने के बाद इस सीट पर चुनाव दिलचस्प होगा।

नामांकन के बाद उमेश कुमार ने कहा कि यह हरिद्वार के मान सम्मान की लड़ाई है।यहां के बेरोजगारों को सुरक्षित करने की लड़ाई है। हरिद्वार के हर ब्लॉक और मुख्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। हर विभाग में घूसखोरी हो रही है। किसानों की दुर्गती हो ही है। सभी सरकारें हमें गुलाम बनाना चाहती हैं। उन्होंने तंज कसते हएु कहा कि ‘सबसे पहले उन प्रवासी पक्षियों को खदेड़ना है जो यहां आते हैं, दाना चुगते हैं वो फिर वापस दिल्ली चले जाते हैं, पांच साल यहां दिखते नहीं है।’ कहा कि हरीश रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक, सभी प्रवासी हैं।

कहा कि बीजेपी को अपना 10 साल का सांसद जीता हुआ क्यों बदलना पड़ा ? क्या कारण रहे कुछ तो कारण रहे होंगे बदलने के। कहा कि अगर सांसद ने काम किया होता उन्होंने लोगों के बीच में रहकर सब कुछ किया होता तो बदलना नहीं पड़ता। त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से यह कहना कि वह उमेश कुमार को नहीं जानते, इस पर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को आड़े हाथों लिया कहा कि हाईकोर्ट से यह वही हैं जिनके रांची के घूसकांड के मैने दस्तावेज दिखाए थे। यह वही हैं, जिनके सूर्याधार में पूर्व विधायक संजय गुप्ता के पार्टनर रहते जमीन खरीद फरोख्त का मामले का खुलासा मैंने किया था। उनकी सीबीआई जांच कराई थी। उन्होंने कहा कि यह वही प्रत्याशी हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए हरियाणा पंजाब के माफियाओं को शराब की फैक्टरी या बॉटलिंग प्लांट यहां लगवा दिए। अगर उन्हें याद नहीं है तो समय आने पर याद आ जाएगा।

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