Uttarakhand – One India Times https://oneindiatimes.com National News Portal Sun, 07 Jun 2026 04:31:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://oneindiatimes.com/wp-content/uploads/2022/12/fav.png Uttarakhand – One India Times https://oneindiatimes.com 32 32 डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी https://oneindiatimes.com/dehradun-police-solve-theft-case-in-doiwala-area-maternal-uncle-and-nephew-turn-out-to-be-the-accused/ https://oneindiatimes.com/dehradun-police-solve-theft-case-in-doiwala-area-maternal-uncle-and-nephew-turn-out-to-be-the-accused/#respond Sun, 07 Jun 2026 04:31:55 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43800

मामा ने नशे की तथा भांजे ने आनलाइन गैम्बलिंग/गेमिंग की लत के चलते दिया था घटना को अंजाम

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी किया गया माल हुआ बरामद

देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में एक घर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हैरानी की बात यह रही कि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के ही सदस्य और रिश्तेदार ने मिलकर की थी। पुलिस ने महिला के बेटे और उसके भाई को चोरी किए गए जेवरात के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, रेशम माजरी निवासी मोनिका गोस्वामी ने कोतवाली डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ बद्रीनाथ धाम यात्रा पर गई थीं। वापस लौटने पर घर की अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब मिले। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने फतेहपुर टांडा क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी महिला का पुत्र चिराग बोरा और उसका सगा भाई अमित सिंह नेगी हैं। दोनों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यात्रा पर न जाकर घर में रुकने का बहाना बनाया और रात के समय घर में रखे जेवरात व नकदी चोरी कर ली।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अमित सिंह नेगी नशे का आदी है, जबकि चिराग बोरा ऑनलाइन गेमिंग और गैम्बलिंग की लत से परेशान था। दोनों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी की योजना बनाई थी। चोरी की गई नकदी को उन्होंने आपस में बांटकर नशे और ऑनलाइन सट्टेबाजी में खर्च कर दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और 2,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी चोरी की ज्वैलरी बेचने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प https://oneindiatimes.com/call-to-turn-the-save-the-farms-campaign-into-a-mass-movement-farmers-pledge-to-conserve-soil-and-agriculture/ https://oneindiatimes.com/call-to-turn-the-save-the-farms-campaign-into-a-mass-movement-farmers-pledge-to-conserve-soil-and-agriculture/#respond Sun, 07 Jun 2026 04:24:00 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43797

6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़, खेती होगी सुरक्षित- मुख्यमंत्री

अल्मोड़ा।  जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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ACC विंग के 73 कैडेट्स ने पूरी की ट्रेनिंग, चेतवुड हॉल में हुआ भव्य दीक्षांत समारोह https://oneindiatimes.com/73-cadets-of-the-acc-wing-completed-their-training-a-grand-passing-out-parade-was-held-at-chetwode-hall/ https://oneindiatimes.com/73-cadets-of-the-acc-wing-completed-their-training-a-grand-passing-out-parade-was-held-at-chetwode-hall/#respond Sun, 07 Jun 2026 04:15:29 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43794

देहरादून- चेतवुड हॉल गर्व और जश्न से गूंज उठा, क्योंकि आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) विंग में 73 कैडेट्स ने अपनी कठिन एकेडमिक और मिलिट्री ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। इस खास मौके को एक शानदार और प्रेरणादायक ग्रेजुएशन सेरेमनी के ज़रिए मनाया गया, जिसमें गर्व से भरे माता-पिता, सम्मानित इंस्ट्रक्टर और खास मेहमान शामिल हुए।

इंडियन मिलिट्री एकेडमी के कमांडेंट, लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह (AVSM, YSM, SM) ने आर्मी कैडेट कॉलेज विंग के 127वें कोर्स के साइंस स्ट्रीम के 32 कैडेट्स और ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम के 42 कैडेट्स को प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली की बैचलर डिग्री प्रदान की।

आर्मी कैडेट कॉलेज इंडियन आर्मी का एक प्रमुख ट्रेनिंग संस्थान है, जो इंडियन मिलिट्री एकेडमी के लिए फीडर संस्थान के तौर पर काम करता है। ACC विंग का ट्रेनिंग करिकुलम कैडेट्स के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। हर कैडेट एक ग्रेजुएशन प्रोग्राम से गुज़रता है, जिसमें इंडियन आर्मी में कमीशन ऑफिसर बनने के लिए ज़रूरी गुण सीखने के लिए कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग भी शामिल होती है। दीक्षांत समारोह ACC विंग में तीन साल के ट्रेनिंग करिकुलम के समापन का प्रतीक था। जुलाई 2026 में, पास होने वाले कोर्स के कैडेट्स प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग के लिए ऑफिसर कैडेट्स के तौर पर इंडियन मिलिट्री एकेडमी में शामिल होंगे।

इंडियन मिलिट्री एकेडमी के कमांडेंट, लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह (AVSM, YSM, SM) ने अपने दीक्षांत भाषण में कैडेट्स को कठिन ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने और अपने प्रोफेशनल करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार करने के लिए बधाई दी। उन्होंने ज़ोर दिया कि चरित्र, आत्म-अनुशासन, साहस, प्रेरणा, सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रोफेशनल क्षमता एक सफल आर्मी ऑफिसर के स्तंभ हैं।

चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ (COAS) गोल्ड मेडल विंग कैडेट कैप्टन नवीन को, COAS सिल्वर मेडल कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा को और COAS ब्रॉन्ज़ मेडल विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर हर्षराज को दिया गया।

सर्विस सब्जेक्ट्स में पहला स्थान पाने के लिए कमांडेंट का सिल्वर मेडल कंपनी क्वार्टर मास्टर सार्जेंट अमनप्रीत सिंह को, ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम में पहला स्थान पाने के लिए कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा को और साइंस स्ट्रीम में पहला स्थान पाने के लिए विंग कैडेट कैप्टन नवीन को दिया गया। इस मौके पर, इंडियन मिलिट्री एकेडमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह (AVSM, YSM, SM) ने आर्मी कैडेट कॉलेज की चैंपियन कंपनी बनने के लिए नुब्रा कंपनी को ‘कमांडेंट बैनर’ भी दिया। यह बैनर उस कंपनी को दिया जाता है जो स्पोर्ट्स, फिजिकल ट्रेनिंग, कैंप, डिबेट, इंटीरियर इकोनॉमी, हथियार चलाने की ट्रेनिंग, पढ़ाई-लिखाई और सर्विस ट्रेनिंग जैसी अलग-अलग प्रतियोगिताओं में सबसे अच्छा प्रदर्शन करती है।

आखिर में, कमांडेंट ने आर्मी कैडेट कॉलेज विंग के कमांडर ब्रिगेडियर पीयूष खुराना (SM) और उनकी इंस्ट्रक्टर और फैकल्टी टीम की तारीफ की, जिन्होंने कैडेट्स को काबिल ऑफिसर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। यह कार्यक्रम कैडेट्स के उस बदलाव भरे सफर की एक यादगार झलक थी, जिसे उन्होंने पूरा किया है। माता-पिता गर्व से भरे हुए थे, जबकि इंस्ट्रक्टर कैडेट्स की तरक्की और कामयाबियों को देखकर संतुष्ट महसूस कर रहे थे। पूरी सेरेमनी के दौरान आपसी भाईचारे और सेवा की भावना साफ झलक रही थी।

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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौधारोपण https://oneindiatimes.com/agriculture-minister-ganesh-joshi-planted-saplings-on-world-environment-day/ https://oneindiatimes.com/agriculture-minister-ganesh-joshi-planted-saplings-on-world-environment-day/#respond Fri, 05 Jun 2026 07:43:23 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43786

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने शासकीय आवास परिसर में फलदार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के लिए पौधारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने लोगों को फलदार पौधे भी वितरित किए।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पोषण सुरक्षा और जैव विविधता को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आग्रह किया।

इस अवसर पर उन्होंने पारिवारिक मूल्यों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए कहा कि परिवार के साथ पौधारोपण करना न केवल पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ाता है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान से प्रेरणा लेते हुए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए और धरती को हरा-भरा बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री की धर्मपत्नी निर्मला जोशी, सरकार में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र सिंह राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी, पूर्व प्रधान समीर पुंडीर, मंडल महामंत्री अल्का कुल्हान सहित कई अन्य उपस्थित रहे।

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सूबे के स्कूलों में अनिवार्य होगा एनसीसी, एनएसएस व स्काउट- डाॅ. धन सिंह रावत https://oneindiatimes.com/ncc-nss-and-scouts-to-be-mandatory-in-state-schools-dr-dhan-singh-rawat/ https://oneindiatimes.com/ncc-nss-and-scouts-to-be-mandatory-in-state-schools-dr-dhan-singh-rawat/#respond Fri, 05 Jun 2026 07:33:59 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43783

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये स्कूल ड्रापआउट कम करने के निर्देश

कहा, विद्यालयों में छात्रों को मिले डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति व मूलभूत सुविधाओं का लाभ

देहरादून। सूबे के सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस व स्काउट एंड गाइड की इकाइयां गठित की जायेंगी, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्राओं को इन में प्रतिभाग कर प्रशिक्षण का अवसर मिल सके। इसके अलावा स्कूलों में ड्रापआउट प्रतिशत कम करने, छात्रों को डिजिटल शिक्षा व मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करने को भी कहा गया है।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने श्रीनगर (गढ़वाल) में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्राथमिक व माध्यमिक स्तर पर ड्रापआउट दर शून्य करने के लिये ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि राज्य में विद्यालयी शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाय, साथ ही विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारी कार्यक्रम संचालित किये जाय। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, ड्रेस, जूते, साइकिल आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट एंड गाइड की इकाइयों का गठन कर विद्यार्थियों की इसमें अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित होगी। डॉ. रावत ने मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये, ताकि पात्र छात्र-छात्राएं इसका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों के उच्चीकरण, डी-श्रेणी के अंतर्गत चिन्हित विद्यालयों के निर्माण कार्यों हेतु डीपीआर तैयार करने, विद्यालयों के विकासखंडवार मात्राकरण तथा शिक्षकों की पदोन्नति संबंधी कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिये।

बैठक में विभागीय मंत्री ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों, क्लस्टर विद्यालयों, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण, अवस्थापना सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके साथ ही डायट संस्थानों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।डॉ. रावत ने अधिकारियों को विद्यालयों में फर्नीचर, विद्युत, पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर लैब सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में उप सचिव विद्यालयी शिक्षा ए.के. शुक्ल, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक माध्यमिक परमेन्द्र कुमार, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव सहित गढ़वाल मंडल के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी, सभी डायटों के प्राचार्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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‘‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि’’ के मंत्र को धरातल पर उतारे विभाग- डीएम https://oneindiatimes.com/the-department-should-implement-the-mantra-of-simplification-solution-disposal-and-satisfaction-on-the-ground-dm/ https://oneindiatimes.com/the-department-should-implement-the-mantra-of-simplification-solution-disposal-and-satisfaction-on-the-ground-dm/#respond Fri, 05 Jun 2026 07:21:29 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43780

सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर डीएम सख्त, डीएम ने विभागों को दी कड़ी हिदायत

जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त-डीएम

36 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों पर पर डीएम ने विभागों को थमाया वार्निंग लेटर, जवाबदेही तय

बैठक में गैरहाजिरी पड़ी भारी, सीएमओ को जिलाधिकारी का नोटिस

हर सोमवार को ‘‘समाधान दिवस’’ की शिकायतें उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पर पोर्टल पर हो दर्ज

देहरादून। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर लंबित जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक मामलों का प्रभावी समाधान किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के ‘‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि’’ के मूल मंत्र को धरातल पर उतारते हुए जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विभागीय स्तर पर टास्क ऑफिसर नामित कर प्रतिदिन प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही विभाग इस संबंध में प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराएं कि लेवल-1 पर प्राप्त शिकायतों की निरंतर निगरानी की जा रही है।

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेवल-2 पर लंबित शिकायतों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बड़े विभागों में तीन अंकों तथा छोटे विभागों में दो अंकों से अधिक शिकायतें किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें शिकायतों के निस्तारण की जानकारी दें। जिला स्तर पर भी शिकायतकर्ताओं को फोन कर फीडबैक लेने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 10 दिन में वह स्वयं सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करेंगे तथा शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समाधान की स्थिति का फीडबैक प्राप्त करेंगे।

जिलाधिकारी ने समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों को उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

समीक्षा के दौरान लेवल-1 पर लोक निर्माण विभाग की 299, शहरी विकास की 384, पुलिस की 309, ऊर्जा विभाग की 234, जल संस्थान की 183 तथा राजस्व विभाग की 174 शिकायतें लंबित पाई गईं। वहीं 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 345 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। इसके अलावा शहरी विकास विभाग की 237, राजस्व विभाग की 225, पुलिस विभाग की 133 तथा तकनीकी शिक्षा विभाग की 111 शिकायतें निर्धारित समयावधि से अधिक लंबित मिलीं।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी द्वारा बैठक में प्रतिभाग न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता संजय रॉय, अधीक्षण अभियंता आरके जैन, अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, नोडल अधिकारी सीएम हेल्पलाइन/जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सीओ वंदना वर्मा सहित समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने की शिष्टाचार भेंट https://oneindiatimes.com/rajasthan-assembly-speaker-vasudev-devnani-paid-a-courtesy-visit-to-chief-minister-pushkar-singh-dhami/ https://oneindiatimes.com/rajasthan-assembly-speaker-vasudev-devnani-paid-a-courtesy-visit-to-chief-minister-pushkar-singh-dhami/#respond Tue, 02 Jun 2026 16:24:11 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43776

देहरादून :     मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शिष्टाचार भेंट की।
भेंट के दौरान उनके मध्य विभिन्न समसामयिक विषयों, सुशासन, जनकल्याण तथा राज्यों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने, जनप्रतिनिधियों की भूमिका तथा नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में संचालित विकास परियोजनाओं, निवेश, पर्यटन, चारधाम यात्रा तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्यों के मध्य अनुभवों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा विकास एवं जनसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग
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मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। https://oneindiatimes.com/chief-secretary-anand-vardhan-held-discussions-with-district-magistrates-on-various-points-via-video-conferencing-and-issued-important-directives/ https://oneindiatimes.com/chief-secretary-anand-vardhan-held-discussions-with-district-magistrates-on-various-points-via-video-conferencing-and-issued-important-directives/#respond Tue, 02 Jun 2026 16:20:24 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43773

 देहरादून  :   मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश में एग्री स्टैक से सम्बन्धित कार्यों को प्रदेश के किसानों के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अंश निर्धारण के कार्य में में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जनपद को विशेष कदम उठाये जाने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि फर्टिलाइजर्स का वितरण का कार्य भी किसान पंजीकरण के आधार पर ही होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि लगातार मॉनिटरिंग करते हुए दैनिक प्रगति को बढ़ाने पर फोकस किया जाए ताकि किसानों का पंजीकरण कार्य पूर्ण किया जा सके। उन्होंने इसके लिए कैम्प आयोजित कर किसान पंजीकरण का कार्य शीघ्र से शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण कार्य पूर्ण ना होने से पीएम किसान और उर्वरक का वितरण अटक सकता है।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए इसमें स्वयं सहायता समूहों और युवा मंगल दलों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को लगाये जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर यह कार्य कराया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक से सम्बन्धित सभी कार्यों में तेजी लाये जाने के लिए किसानों को जागरूक किए जाने की भी बात कही। इससे युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक बहुत महत्त्वपूर्ण है, समय से यह सभी कार्य पूर्ण ना होने से भारत सरकार की बहुत सी स्कीम्स का लाभ किसानों को मिलना बंद हो सकता है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ . वी. षणमुगम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, श्री एस. एन. पाण्डेय एवं श्रीमती रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र हो ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद‘ – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी https://oneindiatimes.com/the-guiding-principle-for-char-dham-yatra-management-should-be-safe-journey-smooth-darshan-and-continuous-dialogue-chief-minister-pushkar-singh-dhami/ https://oneindiatimes.com/the-guiding-principle-for-char-dham-yatra-management-should-be-safe-journey-smooth-darshan-and-continuous-dialogue-chief-minister-pushkar-singh-dhami/#respond Tue, 02 Jun 2026 16:12:04 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43770

  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, मानसून अवधि के लिए सभी विभाग रहें पूरी तरह सतर्क
  • रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक का सख्ती से पालन हो
  • धामों में क्षमता के अनुरूप दर्शन व्यवस्था के लिए बनाई जाए एसओपी, भीड़ प्रबंधन हो वैज्ञानिक एवं चरणबद्ध
  • होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं
  • चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों के डीएम और एसपी नियमित समीक्षा कर व्यवस्थाएं और बेहतर बनाएं
देहरादून  :    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद और सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही अनुमति दी जाए तथा दिन के समय ऐसे वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम अथवा पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया एवं प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए, जिससे धामों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि तथा आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन एवं यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली , एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप चौनल एवं एफएम रेडियो के माध्यम से लगातार अद्यतन सूचनाएं प्रसारित की जाएं। मार्ग अवरोध, मौसम में बदलाव, यातायात जाम अथवा दर्शन में विलंब जैसी परिस्थितियों की जानकारी भी समय रहते यात्रियों तक पहुंचाई जाए, जिससे भ्रम एवं असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का प्रथम चरण प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संचालित हुआ है। अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों एवं सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस एवं राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति अथवा मार्ग अवरोध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने चारों धामों एवं पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने पैदल मार्गों पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था एवं उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने तथा वर्षा एवं धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
गत वर्ष के मुकाबले 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
चार धाम यात्रा में इस बार रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा के शुरुआती 44 दिनों की तुलना करने पर, पता चलता है कि इस बार यात्रा में गत वर्ष के मुकाबले 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। गत वर्ष की यात्रा के शुरुआती 44 दिनों में लगभग 26 लाख 34 हजार तीर्थयात्री पहुंचे थे जबकि इस बार यात्रा के शुरुआती 44 दिनों में यह आंकड़ा 29 लाख 85 हजार के पार पहुंच गया है। यदि हम धामों का अलग अलग आंकड़ा देखें तो गत वर्ष के मुकाबले इस बार सभी धामों में पिछली बार से अधिक यात्री पहुंचे हैं।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रोहिला, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से विधायक सुरेश चौहान, श्रीमती आशा नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बी.सी. खण्डूड़ी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। https://oneindiatimes.com/chief-minister-pushkar-singh-dhami-paid-floral-tributes-to-b-c-khanduri/ https://oneindiatimes.com/chief-minister-pushkar-singh-dhami-paid-floral-tributes-to-b-c-khanduri/#respond Mon, 01 Jun 2026 17:10:44 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=43767

देहरादून   :    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने एक अनुशासित सैनिक, दूरदर्शी प्रशासक, आदर्श जनप्रतिनिधि तथा उत्तराखंड के विकास पुरुष के रूप में अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय खण्डूड़ी जी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, सादगी और राष्ट्रसेवा के ऐसे प्रतीक थे, जिनके जीवन से सार्वजनिक जीवन में शुचिता और समर्पण की प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने उनके सैन्य जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अद्वितीय साहस, नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सेना के इंजीनियरिंग कार्यों में भी उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया, जो उनकी कर्तव्यपरायणता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी खण्डूड़ी जी का जनसेवा का संकल्प निरंतर जारी रहा। वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होने के बाद उन्होंने संसद में पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को मजबूती से उठाया और पाँच बार सांसद के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए पहाड़ की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उनके ओजस्वी विचारों और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता ने राज्य आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खण्डूड़ी जी का व्यक्तित्व और उनका जीवन दर्शन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें समय-समय पर खण्डूड़ी जी का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा, जिसने उनके सार्वजनिक जीवन को दिशा प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खण्डूड़ी जी ने देश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को गति देने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रशासन की आधारशिला बनाया तथा राज्य के विकास को नई दिशा प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उच्च पदों पर रहने के बावजूद खण्डूड़ी जी ने अपने सिद्धांतों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। वे सदैव आमजन के बीच रहे और उनकी समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकता मानते रहे। उनकी कार्यशैली ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासकों के लिए एक आदर्श स्थापित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धेय खण्डूड़ी जी का निधन केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके साथ एक युग का अवसान हुआ है, किंतु उनके विचार, आदर्श, कार्य और संस्कार सदैव समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से खण्डूड़ी जी के आदर्शों को आत्मसात करने तथा उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के निर्माण हेतु निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खण्डूड़ी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, स्वामी रामदेव व विभिन्न साधु संत, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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