Business – One India Times https://oneindiatimes.com National News Portal Tue, 11 Nov 2025 14:58:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://oneindiatimes.com/wp-content/uploads/2022/12/fav.png Business – One India Times https://oneindiatimes.com 32 32 व्यापार सुधार कार्ययोजना में बेहतरीन प्रदर्शन पर उत्तराखंड को पाँच श्रेणियों में टॉप अचीवर्स पुरस्कार प्रदान किया गया। https://oneindiatimes.com/uttarakhand-was-awarded-the-top-achievers-award-in-five-categories-for-its-excellent-performance-in-the-business-reform-action-plan/ https://oneindiatimes.com/uttarakhand-was-awarded-the-top-achievers-award-in-five-categories-for-its-excellent-performance-in-the-business-reform-action-plan/#respond Tue, 11 Nov 2025 14:58:00 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=42605

उत्तराखण्ड को व्यापार सुधार कार्य योजना  BRAP 2024 के अंतर्गत पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में टॉप अचीवर्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो देश में किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्राप्त सर्वोच्च संख्या है।
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित उद्योग समागम 2025 में व्यापार सुधार कार्य योजना      BRAP 2024  के अंतर्गत उत्तराखंड के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए इस पुरस्कार की घोषणा की गई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा उत्तराखंड सरकार के उद्योग सचिव श्री विनय शंकर पांडे और महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।
उत्तराखंड को देश में व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण, निवेश सक्षमकर्ता एवं श्रम विनियमन सक्षमकर्ता जैसे पाँच सुधार क्षेत्रों में सर्वाेच्य उपलब्धि प्राप्त करने वाला राज्य माना गया है। जो उत्तराखंड की व्यवसाय सुगमता (ईओडीबी) यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यात्रा में 2015 में 23वें स्थान से लेकर BRAP 2024 के तहत सुधारों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनने की यह महत्वपूर्ण यात्रा हैं।
पुरस्कार प्राप्त करते हुए उद्योग सचिव श्री विनय शंकर पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन एवं सतत पर्यवेक्षण में पांच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष उपलब्धि प्राप्त करने वालों के रूप में मान्यता प्राप्त होना और राष्ट्रीय स्तर पर सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करना उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। जो 2015 में 23वें स्थान से लेकर आज राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करना, पारदर्शिता, दक्षता और निवेशक केंद्रितता में हमारी प्रगति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य ने आवेदन जमा करने और ऑनलाइन भुगतान से लेकर रीयल टाइम ट्रैकिंग, अंतिम मंजूरी, नवीनीकरण और प्रोत्साहन वितरण तक, संपूर्ण अनुमोदन जीवनचक्र को कवर करने वाली प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के माध्यम से अपने व्यवसाय सुविधा पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है। राज्य में वर्तमान में 20 से अधिक विभागों में 200 से अधिक सेवाएं एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान की जाती हैं, जिससे भौतिक संपर्क बिंदुओं में उल्लेखनीय कमी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है। राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण, वन, सिंचाई, जल संस्थान और विद्युत जैसे प्रमुख विभाग इस प्रणाली में एकीकृत है।

सचिव उद्योग ने कहा कि निवेशकों को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य ने उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (यूके-एसपीआईएसई) की स्थापना की है, जो निवेशकों की सुविधा और संपूर्ण परियोजना सहायता के लिए एक समर्पित टीम है। राज्य में व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया रहा है। उत्तराखंड ने सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी उजागर किया है। इन सुधारों का उद्देश्य न केवल निवेश में तेजी लाना है, बल्कि पारिस्थितिक अखंडता और समान विकास को भी बनाए रखना है।
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हमारा लक्ष्य राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनाना है।  BRAP 2024 में सर्वोच्च पुरस्कार मिलना हमारी नीतिगत पारदर्शिता, उद्योग-अनुकूल वातावरण और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है। औद्योगिक विकास प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है।  BRAP 2024 में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान पाना निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करेगा और राज्य की आर्थिक ग्रोथ को नई गति देगा।
पुष्कर सिंह धामी- मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

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सेंसेक्स 4.16%  से गिरकर 72,222.87 के स्तर पर, जानिए निफ्टी का हाल  https://oneindiatimes.com/sensex-fell-by-4-16-to-72222-87-know-the-condition-of-nifty/ https://oneindiatimes.com/sensex-fell-by-4-16-to-72222-87-know-the-condition-of-nifty/#respond Mon, 07 Apr 2025 09:26:59 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=41447

नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंता और अमेरिका में मंदी की बढ़ती आशंकाओं के बीच पूरी दुनिया के शेयर बाजार में भारी बिकवाली दिखी। भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा और सेंसेक्स व निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांक चार फीसदी से ज्यादा टूट गए। सुबह 12 बजकर 15 मिनट पर सेंसेक्स 3,141.82  अंक यानी 4.16% गिरकर 72,222.87 के स्तर पर आ गया। दूसरी ओर, निफ्टी 1,012.41 अंक या 4.42% कमजोर होकर 21,892.05 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इस दौरान क्षेत्रवार सूचकांकों में 8% तक की बड़ी गिरावट दिखी और निवेशकों को करीब 19 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

भारतीय बाजार में बिकवाली के बीच क्या चल रहा है?

सोमवार को घरेलू बाजार में हुई भीषण बिकवाली के बीच कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर अपने 52 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और 5% से अधिक की गिरावट के साथ बीएसई पर 1144.90 रुपये के भाव पर कारोबार करता दिखा। बीते छह दिनों में कंपनी के मार्केट कैप में करीब दो लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, लार्सन एंड टूब्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों पर भी भारी बिकवाली का असर दिखा। मेटल सेक्टर के शेयरों का हाल सबसे खराब रहा।

दूसरी ओर, बीएसई पर टाटा स्टील का शेयर 11.56 प्रतिशत, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड का 11.22 प्रतिशत, एपीएल अपोलो ट्यूब्स का 10 प्रतिशत, सेल का 9.99 प्रतिशत, जेएसडब्ल्यू स्टील का 9.92 प्रतिशत तथा जिंदल स्टेनलेस का 9.91 प्रतिशत टूट गया। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 9.83 प्रतिशत, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 8.95 प्रतिशत, एनएमडीसी में 8.48 प्रतिशत तथा जिंदल स्टील एंड पावर में 8.19 प्रतिशत की गिरावट आई। बीएसई धातु सूचकांक 6.52 प्रतिशत गिरकर 26,594.09 पर आ गया। अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन की ओर से अपेक्षा से अधिक जवाबी टैरिफ लगाए जाने से मंदी की आशंकाएं और वैश्विक आर्थिक विकास के प्रति चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसके कारण धातु शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।  शुक्रवार को धातु कंपनियों के शेयरों में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी।

30 शेयरों के सूचकांक सेंसेक्स में आई अब तक की बड़ी गिरावट

बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 19.4 लाख करोड़ रुपये घटकर 383.95 लाख करोड़ रुपये रह गया। सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे, निफ्टी आईटी में 7% से अधिक की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, रियल्टी और ऑयल एंड गैस में 5% से अधिक की गिरावट आई। व्यापक बाजार में, स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांक क्रमशः 10% और 7.3% तक गिरे। भारत बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX 59% चढ़कर 21.94 अंकों पर पहुंच गया। बाजार में बढ़े भय के माहौल के कारण इंडिया VIX में पहली बार एक दिन में इतना तेज उछाल दिखा। बाजार की गिरावट के बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भी बड़ी गिरावट दिखी और यह 2.74 प्रतिशत गिरकर 63.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी बाजार का क्या हाल?

ट्रंप टैरिफ के बाद शेयर बाजार में आए भूचाल से एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी बिकवाली आई है। एशियाई बाजारों में, हांगकांग का हैंगसेंग लगभग 11 प्रतिशत तक गिर गया है। टोक्यो का निक्केई 225 लगभग 7 प्रतिशत तक टूटा है वहीं, शंघाई एसएसई कम्पोजिट सूचकांक 6 प्रतिशत से की गिरावट के साथ कारोबार करता दिख रहा है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक में भी पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ट्रम्प के टैरिफ के कारण मंदी की आशंका से यूरोपीय शेयर बाजार 16 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए।पैन-यूरोपीय STOXX 600 में शुक्रवार को कोविड-19 महामारी के बाद से सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट दिखी और यह 5.8% तक गिर गया। अमेरिकी बाजारों का हाल भी ऐसा ही रहा। एसएंडपी500 शुक्रवार को 5.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, नैस्डैक कंपोजिट में 5.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और डॉव 5.50 प्रतिशत तक फिसल गया।

बीते कुछ समय में कैसी रही भारतीय बाजार की चाल?

पहले से विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली की मार झेल रहे भारतीय बाजार के लिए डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित जवाबी टैरिफ नया संकट बनकर सामने आया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 3,483.98 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। इस दौरान, सेंसेक्स 930.67 अंक या 1.22 प्रतिशत गिरकर 75,364.69 पर बंद हुआ। निफ्टी 345.65 अंक या 1.49 प्रतिशत गिरकर 22,904.45 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 2,050.23 अंक या 2.64 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एनएसई निफ्टी में 614.8 अंक या 2.61 प्रतिशत की गिरावट आई।

अब कब करवट लेगा बाजार? जानकारों की राय क्या?

रिलायंस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख विकास जैन के अनुसार चीन और जापान दोनों सूचकांक में क्रमशः 10 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। वैश्विक व्यापार युद्ध और संभावित मंदी से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं और इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को, यूएस एसएंडपी 500 में 6 प्रतिशत की गिरावट आई और डॉव जोन्स 2000 से अधिक अंक गिर गया। कोविड संकट के बाद से बाजार के लिए पिछला सप्ताह सबसे खराब साबित हुआ। दूसरी ओर, अमेरिकी टैरिफ के जवाब में चीन ने भी 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी आयातों पर 34 प्रतिशत का जवाबी टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। इसे देखते हुए ऐसा लग रहा है अमेरिका और चीन की ओर से उठाए गए कदमों से मुद्रास्फीति और वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में बाजार में तेज खरीदारी लौटने में थोड़ा समय लग सकता है।

2020 के कोविड क्रैश के बाद से सिर्फ दूसरी बार भारतीय बाजार एक ही दिन में 5% से ज्यादा गिरे हैं। निफ्टी अब अपने शिखर से 17% नीचे है। बेंचमार्क इंडेक्स आधिकारिक तौर पर 21,022 पर बियर मार्केट क्षेत्र में प्रवेश करने से अब महज 1,000 अंक से भी कम दूर है। स्टॉककार्ट के निदेशक और सीईओ प्रणय अग्रवाल ने कहा, “आज के ब्लैक मंडे ने भारतीय बाज़ारों को हिलाकर रख दिया है, लेकिन निवेशकों और व्यापारियों को शांत रहना चाहिए। अस्थिरता अवसर लाती है, लेकिन केवल मजबूत जोखिम प्रबंधन के साथ… याद रखें, यह भी बीत जाएगा।”

क्या देश की जीडीपी पर भी असर पड़ने का खतरा है?

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के संजीव प्रसाद और उनकी टीम के विश्लेषकों के अनुसार, “पारस्परिक टैरिफ, भले ही अस्थायी हों पर इससे कंपनियों और निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ी है।” प्रसाद ने कहा, “अगले कुछ सप्ताहों में भारतीय बाजारों का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि हितधारक देशों की ओर से टैरिफ की आग में पानी डाला जाता है या घी। इसके अलावे, भारत के खुदरा व घरेलू संस्थागत निवेशकों का व्यवहार भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेगा। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि घटते रिटर्न और बढ़ती अस्थिरता घरेलू इक्विटी की मांग घटा सकती है।”

कई ब्रोकरेज फर्मों को टैरिफ के कारण भारत के वित्त वर्ष 2026 के जीडीपी आंकड़ों पर असर पड़ने का जोखिम दिख रहा है। हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को दावा किया है भारत के लिए चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित वृद्धि पर कोई असर नहीं दिखेगा। इस बीच, एसएमसी ग्लोबल में खुदरा इक्विटी के अनुसंधान के सहायक उपाध्यक्ष सौरभ जैन के अनुसार मार्च तिमाही में कंपनियों की कॉर्पोरेट आय के नरम रहने की संभावना है। इसे देखते हुए निफ्टी50 इस गिरावट के दौर में 21,500-21,800 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर तक पहुंचकर कारोबार करता दिख सकता है।

(साभार)

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कोऑपरेटिव बैंकों का लाभ बढ़कर 250 करोड़ रुपये https://oneindiatimes.com/co-operative-banks-profit-rises-to-rs-250-crore/ https://oneindiatimes.com/co-operative-banks-profit-rises-to-rs-250-crore/#respond Wed, 02 Apr 2025 11:20:21 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=41104

देहरादून। उत्तराखंड के 10 जनपदों के जिला सहकारी बैंक राज्य सहकारी बैंक समेत कुल 11 बैंक 250 करोड रुपए लाभ अर्जित किया है

सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने आज बुधवार को बताया कि, उत्तराखंड राज्य के जिला सहकारी बैंकों ने लाभप्रदता के मामले में उल्लेखनीय प्रगति की है। सहकारी बैंकों ने इस वित्तीय वर्ष 250 करोड़ रुपये अर्जित किया है।।
वहीं शद्ध लाभ 112.811 से बढ़कर 12328.62 एक सौ तेईस करोड़ 28 लाख हुआ है

उन्होंने कहा कि, यह प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन इन वित्तीय संस्थानों को समर्थन देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई रणनीतियों और पहलों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डॉ रावत ने कहा वर्ष 2017 में उनके द्वारा जब सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाली गई थी तो तब उत्तराखंड के कुछ जनपदों के अधिकतर जिला सहकारी बैंक घाटे में थे आज प्रदेश के सभी जनपदों के बैंक लाभ की स्थिति में है
वर्तमान में प्रदेश भर में बैंक की 280 शाखाएं लाभ की स्थिति में है,
सिर्फ 49 बैंक शाखाएं अभी हानि की स्थिति में है इनमें से अधिकतर बैंक शाखाएं कुछ वर्ष पहले ही खुली है ,

2 वर्ष के अंदर यह शाखाएं भी लाभ की स्थिति में आ जाएगी

डॉ रावत ने बताया कि, जिला सहकारी बैंक राज्य सरकार की नीतियों को लागू करने और ग्रामीणों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन बैंकों के माध्यम से, ग्रामीण आबादी को अपनी आर्थिक स्थिति को बढ़ाने और अपनी आय को दोगुना करने के लिए सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहे हैं, उनकी समग्र समृद्धि और कल्याण में योगदान दे रहे हैं

डॉ. रावत ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला सहकारी बैंकों का लाभ स्तर निरंतर बढ़ता रहेगा। राज्य में वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इन सहकारी बैंकों की सफलता से स्पष्ट है। उन्होंने लाभ के लिए पूर्व बैंक बोर्ड, प्रशासक और बैंक अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी की लगन और कड़ी मेहनत का यह प्रमाण है। उनके प्रयासों से न केवल वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के माध्यम से, ये सहकारी बैंक राज्य में सतत आर्थिक विकास और समृद्धि प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 कीमत लाख में

जनपद सकल लाभ अनुमानित
देहरादून 1976.30
कोटद्वार 2973. 02
चमोली 3003.93
उत्तरकाशी 2476.20
हरिद्वार 795.25
उधम सिंह नगर 2057.72
नैनीताल 1600.00
टिहरी 3168.26
पिथौरागढ़ 2165.50
अल्मोड़ा 1699.01
राज्य सहकारी बैंक 3149.00

कुल सकल लाभ 25064.19

सचिव सहकारिता दिलीप जावलकर ने बताया प्रदेश में जिला सहकारी बैंक, एक राज्य सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बैंक न केवल ग्रामीणों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं, बल्कि उनकी आजीविका और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएँ और पहल भी प्रदान करते हैं। उत्तराखंड में इन सहकारी बैंकों की सफलता सकल लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि और ग्रामीणों की आय में दोगुनी वृद्धि में स्पष्ट है। उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों की सफलता के पीछे माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हैं। उनके नेतृत्व में, इन बैंकों ने ग्रामीणों को उनके आर्थिक प्रयासों में सहायता करने के लिए विभिन्न अभिनव कार्यक्रम और पहल लागू की हैं वर्तमान में माननीय सहकारिता मंत्री जी की पहल पर राज्य सहकारी बैंक में प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति की गई है जिससे अब उत्तराखंड के कोऑपरेटिव बैंकों की दशा और दिशा में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा
इन पहलों के माध्यम से, बैंकों ने न केवल अपने लाभ मार्जिन में वृद्धि की है, बल्कि ग्रामीणों की आय के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना 0% ब्याज , सस्ती ऋण सुविधाएँ, बचत विकल्प और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम प्रदान करके, जिला सहकारी बैंकों ने ग्रामीणों को अपने व्यवसाय शुरू करने और उनका विस्तार करने, कृषि में निवेश करने और अपने समग्र वित्तीय कल्याण में सुधार करने के लिए सशक्त बनाया है। इसके परिणामस्वरूप, आय के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम किए जारी, आज से होंगे लागू  https://oneindiatimes.com/new-rules-issued-to-increase-the-security-and-effectiveness-of-upi-transactions-will-be-implemented-from-today/ https://oneindiatimes.com/new-rules-issued-to-increase-the-security-and-effectiveness-of-upi-transactions-will-be-implemented-from-today/#respond Mon, 31 Mar 2025 06:18:20 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=40903

मोबाइल नंबर बंद तो नहीं मिलेंगी यूपीआई की सेवाएं

नई दिल्ली। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। यह नियम एक अप्रैल से लागू हो रहे हैं। इसके मुताबिक, अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो दूरसंचार कंपनी वह नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है।

इसका मतलब है कि अगर आपने पुराने मोबाइल नंबर से यूपीआई लिंक किया है और वह नंबर बंद हो गया है, तो आपकी यूपीआई आईडी भी काम नहीं करेगी। यानी आप यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। एक अप्रैल से बैंक और यूपीआई एप ग्राहकों के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड को सप्ताह में कम-से-कम एक बार जांचेंगे और अपडेट करेंगे, ताकि बदले गए मोबाइल नंबरों के कारण गलत लेनदेन न हो।

यूपीआई यूजर्स को करने होंगे ये काम 
बैंक में अपना मोबाइल नंबर अपडेट करें ताकि यूपीआई सेवाएं चालू रहें।
अगर हाल ही में नंबर बदला है, तो जल्द बैंक में नया नंबर रजिस्टर करें।
बैंक रजिस्टर्ड नंबर का इस्तेमाल करते रहें ताकि वह निष्क्रिय न ही और यूपीआई सेवाएं प्रभावित न हो।

एनपीसीआई ने धोखाधड़ी को कम करने के लिए हाल ही में कलेक्ट पेमेंट फीचर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। अब यह फीचर सर्फ बड़े और वेरिफाइड व्यापारियों तक सीमित रहेगा। व्यक्तिगत लेनदेन में इसकी सीमा 2,000 रुपये कर दी जाएगी।

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अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा सोना, कीमत में दर्ज की गई 700 रुपये की बढ़ोतरी https://oneindiatimes.com/gold-reached-its-highest-level-ever-price-increased-by-rs-700/ https://oneindiatimes.com/gold-reached-its-highest-level-ever-price-increased-by-rs-700/#respond Thu, 20 Mar 2025 07:25:00 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=40140

नई दिल्ली। शादी के सीजन से पहले बढ़ती खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमत में 700 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह बुधवार को नई ऊंचाई 91,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। मंगलवार को यह 91,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले स्थानीय सर्राफा कारोबारियों की ओर से की गई खरीदारी की गई है। वहीं मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिका की आर्थिक सुस्ती की आशंका भी इसकी वजह है।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में बुधवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 3000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बनी रहीं। मामले में मनीष मोदी, सीनियर एनालिस्ट, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा, ‘वैश्विक व्यापार युद्ध और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अन्य वित्तीय संपत्तियों को लेकर सतर्क हैं, जिससे सोने की मांग लगातार बढ़ रही है।’

पिछले 210 दिनों में सोने की कीमतें 2,500 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 3,000 डॉलर प्रति औंस हो गई हैं। आमतौर पर, सोने की कीमत में इतनी बढ़ोतरी होने में लगभग 1,700 दिन लगते हैं, लेकिन इस बार तेजी से उछाल देखने को मिला है। विश्व गोल्ड काउंसिल की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया, ‘सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में कटौती और कमजोर अमेरिकी डॉलर के कारण सोने में निवेश जारी रहेगा।’

शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण अमीर निवेशक फिजिकल गोल्ड खरीदने की बजाय गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में निवेश कर रहे हैं। साल 2025 में गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश देखा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लोग सोने को एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।

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घरेलू शेयर बाजार में लगातार आठ दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थमा  https://oneindiatimes.com/the-trend-of-decline-in-the-domestic-stock-market-for-eight-consecutive-days-has-come-to-an-end/ https://oneindiatimes.com/the-trend-of-decline-in-the-domestic-stock-market-for-eight-consecutive-days-has-come-to-an-end/#respond Mon, 17 Feb 2025 11:59:19 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=37943

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में लगातार आठ दिन से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को थम गया और प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स 57.65 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण यह तेजी आई।

कारोबार के आखिरी सत्र में खरीदारी से 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 57.65 अंक या 0.08 प्रतिशत चढ़कर 75,996.86 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 644.45 अंक या 0.84 प्रतिशत गिरकर 75,294.76 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी 30.25 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 22,959.50 पर पहुंच गया।

30 शेयरों वाले ब्लू-चिप शेयरों में बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, इंडसइंड बैंक,अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, जोमैटो और टाटा मोटर्स प्रमुख लाभार्थी रहे। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और आईटीसी सबसे ज्यादा पिछड़ने वाले शेयर रहे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को 4,294.69 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में अब तक एफपीआई की ओर से कुल 99,299 करोड़ रुपये यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपये की निकासी की गई है। अमेरिका की ओर से आयात पर टैरिफ लगाए जाने के एलान के बाद बढ़े वैश्विक तनाव के कारण इस महीने के पहले दो हफ्तों में एफपीआई ने 21,272 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे पहले जनवरी में एफपीआई की ओर से 78,027 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की गई थी।

एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो और शंघाई सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि हांगकांग में गिरावट दिखी। इस दौरान, यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.21 प्रतिशत बढ़कर 74.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 199.76 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरकर 75,939.21 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 102.15 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,929.25 अंक पर बंद हुआ। पिछले आठ कारोबारी सत्रों में बीएसई बेंचमार्क 2,644.6 अंक या 3.36 प्रतिशत नीचे गिरा और वहीं निफ्टी 810 अंक या 3.41 प्रतिशत टूटा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे गिरकर 86.87 पर बंद हुआ

विदेशी पूंजी की भारी निकासी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कारोबार के दौरान निचले स्तर से सुधार के कारण सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 86.87 (अनंतिम) पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि भारतीय रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहा है, क्योंकि विदेशी बैंक डॉलर की खरीद पर उतारू हैं और आयातक डॉलर को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें वैश्विक अनिश्चितता के बीच आगे मूल्यह्रास की आशंका है।

इस बीच, आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि 7 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.654 अरब डॉलर बढ़कर 638.261 अरब डॉलर हो गया। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब कोष में उछाल आया है। 31 जनवरी को समाप्त सप्ताह में कोष 1.05 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 630.607 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था।

(साभार)

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खाद्य व किराना डिलीवरी कंपनी जोमैटो का नाम बदलकर हुआ ‘इटरनल’ https://oneindiatimes.com/food-and-grocery-delivery-company-zomato-renamed-as-eternal/ https://oneindiatimes.com/food-and-grocery-delivery-company-zomato-renamed-as-eternal/#respond Fri, 07 Feb 2025 09:12:34 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=37146

जोमैटो के निदेशक मंडल ने प्रस्ताव को दी मंजूरी 

कॉर्पोरेट वेबसाइट zomato.com से eternal.com में बदली 

नई दिल्ली। खाद्य व किराना डिलीवरी कंपनी जोमैटो के निदेशक मंडल ने कंपनी का नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने कंपनी के शेयरधारकों को लिखे पत्र में लिखा, “हमारे बोर्ड ने आज इस बदलाव को मंजूरी दे दी है और मैं अपने शेयरधारकों से भी इस बदलाव का समर्थन करने का अनुरोध करता हूं।

अगर और जब हमें नियामकीय मंजूरी मिल जाती है, तो हमारी कॉर्पोरेट वेबसाइट zomato.com से eternal.com में बदल जाएगी।” उन्होंने कहा, “हम अपने स्टॉक टिकर को भी ज़ोमैटो से बदलकर इटरनल कर देंगे। इटरनल में चार प्रमुख व्यवसाय शामिल होंगे, जिनके नाम हैं जोमैटो, ब्लिंकिट, डिस्ट्रिक्ट और हाइपरप्योर।”

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शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 323.76 अंक से चढ़कर 75,689.93 अंक पर पहुंचा https://oneindiatimes.com/in-early-trade-the-sensex-rose-323-76-points-to-reach-75689-93-points/ https://oneindiatimes.com/in-early-trade-the-sensex-rose-323-76-points-to-reach-75689-93-points/#respond Tue, 28 Jan 2025 09:22:03 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=36432

घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 323.76 अंक चढ़कर 75,689.93 अंक पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 77.25 अंक चढ़कर 22,906.40 अंक पर पहुंच गया। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे गिरकर 86.55 डॉलर पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 5,015.46 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

ऐसी रही बाजार की चाल
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बैंकिंग प्रणाली में नकदी बढ़ाने के उपायों की घोषणा के बाद बैंकिंग शेयरों में भारी खरीदारी से मंगलवार को घरेलू बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी ने सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 382.53 अंक या 0.51 प्रतिशत चढ़कर 75,748.70 अंक पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 55.90 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,885.05 अंक पर रहा।

किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से इंफोसिस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, जोमैटो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंडसइंड बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। वहीं सन फार्मास्यूटिकल्स, एनटीपीसी, पावरग्रिड, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटीसी के शेयरों में गिरावट आई।

आरबीआई की घोषणा के बारे में जानिए
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग प्रणाली में तरलता (नकदी) बढ़ाने के लिए तीन किस्तों में 60,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदने और कई अन्य कदमों की सोमवार को घोषणा की। आरबीआई ने बैंकिंग नकदी की स्थिति के प्रबंधन उपायों के तहत 31 जनवरी 2025 को छह महीने की अवधि के लिए पांच अरब डॉलर के अमेरिकी डॉलर या रुपये की खरीद या बिक्री अदला-बदली नीलामी की भी घोषणा की है।

रुपया शुरुआती कारोबार में गिरा
तेल आयातकों की ओर से डॉलर की निरंतर मांग के बीच रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 26 पैसे कमजोर होकर 86.57 प्रति डॉलर पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.53 पर खुला और फिर फिसलकर 86.57 प्रति डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 26 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया सोमवार को नौ पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.31 पर बंद हुआ था।

(साभार)

]]> https://oneindiatimes.com/in-early-trade-the-sensex-rose-323-76-points-to-reach-75689-93-points/feed/ 0 विमानन कंपनी गो फर्स्ट को अपनी संपत्ति बेचकर चुकाना होगा कर्ज, एनसीएलटी ने दिया आदेश https://oneindiatimes.com/aviation-company-gofirst-will-have-to-sell-its-assets-to-repay-the-loan-nclt-ordered/ https://oneindiatimes.com/aviation-company-gofirst-will-have-to-sell-its-assets-to-repay-the-loan-nclt-ordered/#respond Wed, 22 Jan 2025 06:43:14 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=35895

वित्तीय संकट में फंसी विमानन कंपनी गो फर्स्ट

गो फर्स्ट के 54 विमानों का पंजीकरण किया रद्द

एनसीएलटी ने परिसमापन का दिया आदेश 

नई दिल्ली। वित्तीय संकट में फंसी विमानन कंपनी गो फर्स्ट अब उड़ान नहीं भर सकेगी। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सोमवार को 17 साल तक करोड़ों लोगों को हवाई सफर कराने वाली गो फर्स्ट के परिसमापन का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी को अपनी संपत्तियां बेचकर कर्ज चुकाना होगा। वित्तीय समस्याओं के कारण विमानन कंपनी ने मई, 2023 में स्वैच्छिक रूप से दिवालिया समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था। गो फर्स्ट का परिचालन तीन मई, 2023 यानी करीब दो साल से बंद है।एनसीएलटी ने 15 पन्नों के आदेश में कहा, वह कंपनी गो एयरलाइंस (इंडिया) लि. के परिसमापन का आदेश दे रहा है।

अब कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) को अपने गठन के बाद और समाधान योजना की पुष्टि से पहले किसी भी समय गो फर्स्ट के परिसमापन का निर्णय लेने का अधिकार है। एनसीएलटी ने कहा, कॉरपोरेट देनदार के परिसमापन के प्रस्ताव को सीओसी ने 100 फीसदी वोटिंग के साथ मंजूरी दी थी। इसलिए, सीओसी के वाणिज्यिक विवेक में हस्तक्षेप करने की कोई योग्यता नहीं दिखती है। इससे दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर, 2024 को दिवालिया कार्यवाही मामले में बड़ा फैसला देते सुनाते हुए जेट एयरवेज के परिसमापन का आदेश दिया था। जेट एयरवेज ने आखिरी बार अप्रैल, 2019 में उड़ान भरी थी।

एनसीएलटी ने दिनकर तिरुवनंदपुरम वेंकटसुब्रमण्यम को परिसमापक (लिक्विडेटर) नियुक्त किया है, जिन्हें कॉरपोरेट देनदार के वित्तीय मामलों की जांच जारी रखने के लिए कहा गया है। आदेश के मुताबिक, परिसमापक को परिसमापन प्रक्रिया के दौरान उनके निपटान के लिए लंबित आवेदनों का भी पालन करना होगा। परिसमापन को 75 दिन के भीतर एनसीएलटी को एक प्रारंभिक रिपोर्ट देनी होगी।

दिवालिया समाधान प्रक्रिया के दौरान कम-से-कम दो बोलीदाता स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह के साथ बिजी बी एयरवेज और शारजाह स्थित विमानन कंपनी स्काई वन सामने आए थे। यात्रा पोर्टल ईजमाईट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी बिजी बी एयरवेज में बहुलांश शेयरधारक हैं। हालांकि, कर्ज समाधान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसके बाद एनसीएलटी ने गो फर्स्ट के परिसमापन का आदेश दिया है। दिवालिया प्रक्रिया के दौरान नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गो फर्स्ट के 54 विमानों का पंजीकरण भी रद्द कर दिया। विमानन कंपनी ने 2005-06 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली उड़ान के साथ घरेलू परिचालन शुरू किया था। 2018-19 में अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की थी।

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कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन हरे निशान पर खुला शेयर बाजार https://oneindiatimes.com/the-stock-market-opened-on-the-green-mark-on-the-second-day-of-the-trading-week/ https://oneindiatimes.com/the-stock-market-opened-on-the-green-mark-on-the-second-day-of-the-trading-week/#respond Tue, 07 Jan 2025 09:16:00 +0000 https://indiatimesgroup.com/?p=34783

नई दिल्ली। कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही मिनट में 400 अंक से अधिक की तेजी के साथ 78,000 के स्तर को पार कर गया।  शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 422.62 अंक उछलकर 78,387.61 पर पहुंचा। वहीं निफ्टी 160.2 अंक चढ़कर 23,776.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड और टाटा मोटर्स के शेयर सबसे अधिक फायदे में रहे। केवल जोमैटो का शेयर नुकसान में रहा।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी तथा जापान का निक्की फायदे में रहा, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार सोमवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76.19 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 2,575.06 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

(साभार)

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