One India Times – One India Times https://oneindiatimes.com National News Portal Wed, 09 Sep 2026 13:49:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://oneindiatimes.com/wp-content/uploads/2022/12/fav.png One India Times – One India Times https://oneindiatimes.com 32 32 ऋण फर्जीवाड़े के प्रकरणों पर जिला प्रशासन सख्त, डीएम ने दिए एसआईटी ( SIT ) जांच और कार्रवाई के निर्देश https://oneindiatimes.com/district-administration-strict-on-loan-fraud-cases-dm-gave-instructions-for-sit-investigation-and-action/ https://oneindiatimes.com/district-administration-strict-on-loan-fraud-cases-dm-gave-instructions-for-sit-investigation-and-action/#respond Wed, 09 Sep 2026 13:49:51 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69879

फर्जी तरीके से लोन दिलाने वाले एजेंटों के नेटवर्क को तोड़ने जिला प्रशासन ने कसी कमर

संदिग्ध मामलों की एसआईटी जांच, दोषी पाए जाने पर होगी कठोर कार्रवाई  :  डीएम

देहरादून । नपद में ऋण एवं ऋण बीमा से संबंधित फर्जीवाड़े की लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद में कार्यरत एनबीएफसी (NBFCs) एवं एचएफसी (HFCs) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर ऋण वितरण प्रक्रिया, एजेंटों की भूमिका, रिकवरी एवं फर्जीवाड़े की शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि जनमानस की मजबूरी एवं आर्थिक आवश्यकताओं का लाभ उठाकर फर्जी तरीके से ऋण दिलाने, अनावश्यक दस्तावेज तैयार करने अथवा एजेंटों के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आए दिन जनपद में ऋण फर्जीवाड़े से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों पर प्रभावी निगरानी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) को संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मिलित करते हुए समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति ऋण फर्जीवाड़े से संबंधित शिकायतों, संदिग्ध ऋण प्रकरणों तथा एजेंटों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इस प्रकार के प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रत्येक माह संबंधित संस्थाओं एवं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने एलडीएम को मासिक समीक्षा बैठक की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि गंभीर एवं संदिग्ध ऋण फर्जीवाड़े के मामलों की आवश्यकता अनुसार एसआईटी से जांच कराई जाएगी। जांच में किसी बैंक, वित्तीय संस्था, एजेंट अथवा अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं कि कई मामलों में ऋण लेने वाले व्यक्ति की वास्तविक आर्थिक क्षमता एवं पुनर्भुगतान क्षमता का समुचित परीक्षण किए बिना एजेंटों के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराए जा रहे हैं। इस प्रकार की अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी संस्था अथवा उसके प्रबंधन की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित प्रबंधक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी एनबीएफसी एवं एचएफसी को निर्देशित किया कि उनके द्वारा वितरित ऋणों एवं लंबित रिकवरी मामलों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। इन सूचनाओं का परीक्षण कर संदिग्ध मामलों को चिन्हित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार जांच एवं कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थाओं को अपनी ऋण वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। किसी भी स्तर पर एजेंटों अथवा बिचौलियों द्वारा नियमों के विपरीत कार्य किए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित संस्था को भी जवाबदेह माना जाएगा।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उप जिला अधिकारी अपने क्षेत्र में संचालित एनबीएफसी एवं एचएफसी की विस्तृत सूची तैयार करें। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सक्रिय मनीलेंडरों एवं ऋण उपलब्ध कराने के नाम पर कार्य कर रहे एजेंटों का विवरण भी संकलित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन द्वारा इन गतिविधियों की गहन जांच करते हुए संदिग्ध नेटवर्क की पहचान की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि ऋण दिलाने के नाम पर आमजन को भ्रमित करने और उनकी मजबूरी का फायदा उठाने वाले एजेंटों एवं फर्जी एजेंसियों के पूरे नेटवर्क को तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी जो रोजगार, व्यवसाय अथवा अन्य आर्थिक आवश्यकता के लिए ऋण प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों को धोखे का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि को भी संदिग्ध एवं फर्जी तरीके से संचालित एजेंसियों की जानकारी उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी संबंधित विभागों एवं वित्तीय संस्थाओं को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए ऐसे मामलों की रोकथाम एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, लीड बैंक प्रबंधक राजीव भाटिया, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भरत कुमार सहित विभिन्न एनबीएफसी एवं एचएफसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हमारा उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना : महाराज https://oneindiatimes.com/our-objective-is-to-ensure-the-benefits-of-schemes-reach-the-person-standing-at-the-very-last-rung-of-the-ladder-maharaj/ https://oneindiatimes.com/our-objective-is-to-ensure-the-benefits-of-schemes-reach-the-person-standing-at-the-very-last-rung-of-the-ladder-maharaj/#respond Wed, 09 Sep 2026 13:39:58 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69876

श्रम विभाग द्वारा बीरोंखाल ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित शिविर में सैकड़ों श्रमिकों ने किया प्रतिभाग

बीरोंखाल (पौड़ी गढ़वाल)। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने क्षेत्र भ्रमण के तीसरे दिन मंगलवार को विकासखंड बीरोंखाल के ब्लॉक सभागार में श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। शिविर में क्षेत्रीय जनता के साथ साथ बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने बीरोंखाल के ब्लॉक सभागार में आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में उपस्थित श्रमिक भाई-बहनों और स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका सर्वोपरि है। चाहे दुर्गम पहाड़ों में सड़क निर्माण हो, भवन निर्माण हो, या निर्माण से संबंधित अन्य कोई श्रम साध्य कार्य हो श्रमिकों के अथक परिश्रम के बिना संभव नहीं हो सकते। हमारे श्रमिक भाई-बहन प्रदेश और देश के विकास की नींव के पत्थर हैं।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास की अविरल धारा बह रही है। सरकार का ध्येय केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक उन योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। श्रम विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर आयोजित किये जा रहे शिविर इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं, जहाँ जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

महाराज ने इस मौके पर मौजूद श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक श्रमिक को पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया की पूरी जानकारी सरल और स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र श्रमिक को अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित कल्याणकारी योजनाओं जैसे-पुत्री विवाह अनुदान, पुत्र-पुत्री की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, मातृत्व लाभ, औजार सहायता और दुर्घटना की स्थिति में सहायता राशि आदि का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक को समयबद्ध रूप से मिलना चाहिए।

श्री महाराज ने सभी श्रमिकों से आह्वान किया कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने श्रम कार्ड का समय पर नवीनीकरण कराएं और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने सभी श्रमिकों के परिश्रम को नमन करते हुए कहा, “आपका श्रम ही हमारे प्रदेश की प्रगति की आधारशिला है। आपकी खुशहाली और समृद्धि के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।” इस अवसर पर महाराज ने लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिला योजना के अंतर्गत 04 लाख की धनराशि से बडियान में मां भगवती मंदिर के स्थलीय विकास निर्माण का भी शिलान्यास करने के साथ-साथ भाजपा संगठन को सशक्त बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी के साथ विस्तृत चर्चा भी की।

इस दौरान एसडीएम कृष्णा त्रिपाठी, बीडीओ सुदर्शन वडोला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुयश रावत, मण्डल अध्यक्ष ओमपाल, समाज क‌ल्याण बोर्ड के सदस्य प्रेमसिंह नेगी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शान्ति देवी, विधायक प्रतिनिधि दर्शन सिंह रिगोड़ा, पूर्व मण्डल अध्यक्ष यशपाल गोरला, बीकेटीसी की सदस्य नीलमपुरी, जिला उपाध्यक्ष मैत्री प्रकाश, अध्यक्ष महिला मोर्चा नीलम रावत, अध्यक्ष युवा मोर्चा नागेन्द्र, अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा चनीलाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरिता, सूबेदार मनवर सिंह, संग्राम सिंह सहित अनेक प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग https://oneindiatimes.com/maharaj-resolved-public-grievances-on-the-spot-and-participated-in-a-worker-registration-and-renewal-camp-organized-by-the-labour-department-2/ https://oneindiatimes.com/maharaj-resolved-public-grievances-on-the-spot-and-participated-in-a-worker-registration-and-renewal-camp-organized-by-the-labour-department-2/#respond Wed, 09 Sep 2026 13:04:54 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69873

एकेश्वर (पौडी)। चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड एकेश्वर (पणखेत) के ब्लॉक सभागार में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में जन प्रतिनिधियों, स्थानीय जनता को सम्बोधित करने के साथ-साथ जन समस्याओं को सुना और मौके पर ही पर ही उनका निस्तारण करने के लिए विभागीय अधिकारियो को निर्देश भी दिया।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में क्षेत्रीय जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार की पहल से जनता की समस्याओं को मौके पर निस्तारित करने में आसानी रहती है। उन्होंने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन प्रदेश और देश के विकास की मजबूत कड़ी हैं। चाहे निर्माण कार्य हो, सड़क और भवन निर्माण हो, औद्योगिक क्षेत्र हो अथवा अन्य श्रम आधारित कार्य, श्रमिकों के परिश्रम और योगदान के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

श्री महाराज ने कहा कि श्रमिक केवल श्रम नहीं करता, बल्कि अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखता है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि श्रमिकों को उनके अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरलता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से मिले। इसी दिशा में श्रमिकों का पंजीकरण और पंजीकरण का नवीनीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंजीकृत श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

इनमें श्रमिकों और उनके परिवारों से जुड़ी शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी सहायता शामिल हैं।
इसलिए मैं सभी श्रमिक भाई-बहनों से आग्रह करूंगा कि वे अपना पंजीकरण समय पर कराएं और जिनका पंजीकरण पहले से है, वे उसका नवीनीकरण भी अवश्य कराएं। इन शिविरों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि श्रमिकों को पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। विभाग द्वारा शिविरों के माध्यम से श्रमिकों तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह सरकार की उस सोच का हिस्सा है जिसमें व्यवस्था को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखकर उसे जनता के द्वार तक ले जाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। श्रमिकों का सम्मान और उनका कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।

मैं विभागीय अधिकारियों से भी अपेक्षा करता हूँ कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक श्रमिक को पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया की पूरी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए। किसी भी श्रमिक को अनावश्यक परेशानी न हो और पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही, मैं श्रमिक भाई-बहनों से अपील करता हूँ कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने दस्तावेजों एवं पंजीकरण की स्थिति की जानकारी रखें और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के प्रति जागरूक रहें। अंत में, मैं एक बार फिर सभी श्रमिक भाई-बहनों को उनके अथक परिश्रम के लिए नमन करता हूँ। आपका श्रम ही हमारे प्रदेश की प्रगति की आधारशिला है। सरकार आपके सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस दौरान मंडल अध्यक्ष राकेश नैथानी विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र भट्ट, जिला महामंत्री महिपाल नेगी वरिष्ठ भाजपा नेता वेद प्रकाश वर्मा, प्रभारी बृजमोहन रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुयश रावत, एसडीएम रेखा आर्य, खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा सहित स्वास्थ्य, पर्यटन, क़ृषि, सिचाई, लघु सिचाई, पेय जल, चिकित्सा, ऊर्जा, बाल विकास से सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज https://oneindiatimes.com/workers-are-not-merely-a-workforce-but-the-driving-force-behind-uttarakhands-development-maharaj/ https://oneindiatimes.com/workers-are-not-merely-a-workforce-but-the-driving-force-behind-uttarakhands-development-maharaj/#respond Wed, 09 Sep 2026 12:59:00 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69870

महाराज ने शिविर में अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिये निर्देश

चौबट्टाखाल विधानसभा में श्रम विभाग द्वारा आयोजित शिविर में हजारों श्रमिकों ने करवाया पंजीकरण

सतपुली (पौड़ी गढ़वाल)। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश में चल रहा श्रमिक पंजीकरण और नवीनीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) के तहत सबसे पहले प्रदेश में विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में यह शिविर आयोजित किया गया है। पिछले चार दिनों में सभी विकासखण्डों में अभी तक 2779 से अधिक श्रमिक कार्ड बनाये गये हैं। कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक सभी श्रमिकों के कार्ड नहीं बन जाते तब तक आगे भी यह प्रक्रिया जारी रखी जाये।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने क्षेत्र भ्रमण के चौथे दिन बुधवार को न्याय पंचायत सतपुली स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए यह बात कही। उन्होंने श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में उपस्थित श्रमिक भाई-बहनों और स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार जगह-जगह शिविर लगा रही है ताकि श्रमिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस समय मनरेगा के 9.5 लाख सक्रिय श्रमिकों को भी इसी बोर्ड में जोड़ा जा रहा है – 90 दिन काम करने वाले मनरेगा श्रमिक अब इन योजनाओं के पात्र होंगे। नियमित नवीनीकरण न कराने पर पंजीकरण निष्क्रिय हो जाता है। जिससे पात्र श्रमिक को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए श्रमिकों को पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति मानती है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “श्रमेव जयते” मंत्र पर यह अभियान चल रह है। उन्होंने कहा कि acप्रदेश के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका सर्वोपरि है। कोई भी श्रम साध्य कार्य श्रमिकों के बिना संभव नहीं है। सरकार का ध्येय केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक उन योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। ब्लॉक स्तर पर आयोजित किये जा रहे शिविर इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं जहाँ जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।

महाराज ने इस मौके पर मौजूद श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर का समय बढ़ा कर प्रत्येक श्रमिक का पंजीकरण एवं नवीनीकरण अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पात्र श्रमिक को अनावश्यक परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित कल्याणकारी योजनाओं जैसे-पुत्री विवाह अनुदान, पुत्र-पुत्री की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, मातृत्व लाभ, औजार सहायता और दुर्घटना की स्थिति में सहायता राशि आदि का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक को समयबद्ध रूप से मिलना चाहिए। उन्होंने सभी श्रमिकों के परिश्रम को नमन करते हुए कहा, “आपका श्रम ही हमारे प्रदेश की प्रगति की आधारशिला है। आपकी खुशहाली और समृद्धि के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।” इस दौरान उन्होंने भाजपा संगठन को सशक्त बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी से विस्तृत चर्चा करते हुए सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए सम्बंधित अधिकारियों के समक्ष क्षेत्रीय जनता की समस्या के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के भी आदेश दिये।

कार्यक्रम के दौरान मण्डल अध्यक्ष सरवेन्द्र, जिला मंत्री वृजमोहन रावत, विधायक प्रतिनिधि सुरेन्द्र रावत, दिगम्बर रावत, वरिष्ठ भाजपा नेता वेद प्रकाश वर्मा, मनोनीत सदस्य अंकित कुमार, गंगा खन्तवाल, पूर्व चेयरमैन अंजना वर्मा, भागवन्ती देवी, जिला महामंत्री युवा मोर्चा पंकज कुमार, जिला महामंत्री महिपाल नेगी, मंडल अध्यक्ष महिला युवा मोर्चा पुष्पा असवाल, जिला मंत्री रेणु घिल्डियाल सहित सम्बंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण https://oneindiatimes.com/national-lok-adalat-to-be-held-on-september-12-cases-to-be-settled-swiftly-through-mutual-agreement/ https://oneindiatimes.com/national-lok-adalat-to-be-held-on-september-12-cases-to-be-settled-swiftly-through-mutual-agreement/#respond Wed, 09 Sep 2026 12:51:58 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69867

लंबित शमनीय आपराधिक, चेक बाउंस, बैंक ऋण, पारिवारिक एवं दीवानी मामलों की होगी सुनवाई

देहरादून : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशों के अनुपालन में उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा आगामी 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को माननीय उच्च न्यायालय परिसर, नैनीताल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित वादों एवं विवादों का आपसी सहमति, समझौते और सुलह के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी तथा शमनीय आपराधिक मामलों सहित विभिन्न प्रकार के ऐसे प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी, जिनका आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण संभव है। इनमें शमनीय आपराधिक मामले, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस के मामले, बैंक ऋण एवं वित्तीय विवाद, श्रम एवं रोजगार संबंधी मामले, बिजली एवं पानी के बिलों से संबंधित विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद तथा भूमि अधिग्रहण, प्रतिकर एवं अन्य दीवानी मामले प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त आपसी समझौते से निस्तारित किए जा सकने वाले अन्य दीवानी वाद भी लोक अदालत में रखे जाएंगे।

लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण से वादकारियों को समय एवं धन की बचत होती है तथा उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया और बार-बार होने वाली तारीखों से राहत मिलती है। दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होने के कारण आपसी सौहार्द भी कायम होता है। लोक अदालत में मामले के निस्तारण पर नियमानुसार जमा न्यायालय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है।

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अनुसार, जो पक्षकार अथवा अधिवक्ता शारीरिक रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं, वे उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से वर्चुअल माध्यम से भी राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं।

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने अधिवक्ताओं एवं वादकारियों से अपील की है कि जो पक्षकार अपने मामलों का निस्तारण आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में कराना चाहते हैं, वे 11 सितंबर 2026 अथवा उससे पूर्व अपने प्रकरणों को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करा लें, ताकि आवश्यक प्रक्रिया एवं तैयारियां समय से पूरी की जा सकें।

राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित अधिक जानकारी अथवा अपने मामले की सूची के संबंध में सहायता के लिए वादकारी उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। समिति ने अधिक से अधिक वादकारियों से इस अवसर का लाभ उठाते हुए आपसी सहमति से अपने मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने की अपील की है।

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वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश https://oneindiatimes.com/meeting-of-the-state-level-approval-committee-regarding-the-vibrant-village-programme-chief-secretary-issues-key-directives/ https://oneindiatimes.com/meeting-of-the-state-level-approval-committee-regarding-the-vibrant-village-programme-chief-secretary-issues-key-directives/#respond Mon, 07 Sep 2026 17:36:10 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69864

सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए प्राथमिकता के आधार पर चुनी जाएंगी परियोजनाएं

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) से संबंधित राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (SLSC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के फेज-1 और फेज-2 के तहत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न परियोजनाओं को संस्तुति प्रदान की गई।

परियोजनाओं का चयन प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र एवं संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं का चयन किया जाए और उनकी प्राथमिकता तय की जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में यह साफ तौर पर निर्धारित होना चाहिए कि कौन-सी परियोजना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है और उसे किस प्राथमिकता पर शामिल किया गया है।

मुख्य सचिव के प्रमुख निर्देश

  • सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजनाओं का चयन किया जाए।
  • परियोजनाओं की प्राथमिकता पहले तय की जाए और उसके बाद ही भारत सरकार को प्रस्ताव भेजे जाएं।
  • परियोजनाओं की सूची प्राथमिकता के अवरोही क्रम में तैयार की जाए।
  • प्रत्येक संबंधित जनपद से परियोजनाओं की प्राथमिकता प्राप्त कर अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाए।
  • ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, जो सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

सड़क, बिजली और संचार कनेक्टिविटी पर फोकस

मुख्य सचिव ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इसके तहत विशेष रूप से:

  • सड़क कनेक्टिविटी,
  • विद्युत ग्रिड से कनेक्टिविटी,
  • मोबाइल एवं नेटवर्क सुविधाएं,
  • टेलीविजन सुविधाएं,
  • संचार व्यवस्था

के विस्तार से संबंधित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों में बेहतर कनेक्टिविटी और संचार सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय लोगों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंच मिलेगी तथा इन क्षेत्रों का समग्र विकास भी तेज होगा।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने वाली परियोजनाएं हों प्राथमिकता में

मुख्य सचिव ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में केवल बुनियादी ढांचे का विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनसे स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव के अनुसार, परियोजनाओं में स्थानीय स्तर पर:

  • रोजगार के अवसर,
  • आजीविका के साधन,
  • आर्थिक गतिविधियां,
  • पर्यटन की संभावनाएं

बढ़ाने की क्षमता होनी चाहिए।

सेना, SSB और ITBP से संबंधित परियोजनाएं भी हों शामिल

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से संबंधित परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय सेना, एसएसबी एवं आईटीबीपी से जुड़ी आवश्यक परियोजनाओं को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने संबंधित विभागों और जनपदों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक आवश्यकताओं को भी परियोजना चयन में ध्यान में रखा जाए।

हर जनपद से तैयार किए जाएं पांच बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट

मुख्य सचिव ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के लिए प्रत्येक संबंधित जनपद से पांच-पांच बड़े एवं महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का चयन इस प्रकार किया जाए कि वे सीमावर्ती गांवों के विकास में व्यापक प्रभाव डाल सकें।

इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से निम्न पहलुओं को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए:

  • स्थानीय आवश्यकताएं
  • सड़क एवं अन्य कनेक्टिविटी
  • बुनियादी सुविधाएं
  • पर्यटन विकास
  • स्थानीय आजीविका
  • रोजगार के अवसर
  • सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक जरूरतें

अन्य योजनाओं से फंडिंग संभव होने पर वहां से कराया जाए वित्तपोषण

मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव तैयार करते समय यह भी देखा जाए कि किसी परियोजना के लिए भारत सरकार अथवा राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं या नहीं।

उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी परियोजनाओं को संबंधित योजनाओं के माध्यम से वित्तपोषित कराने का प्रयास किया जाए।

यदि किसी परियोजना के लिए अन्य योजना से धनराशि उपलब्ध हो सकती है, तो उसे वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की सूची से हटाकर उसके स्थान पर अन्य आवश्यक एवं प्राथमिकता वाली परियोजना को शामिल किया जा सकता है।

फेज-1 और फेज-2 की सभी परियोजनाओं की प्राथमिकता तय होगी

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के फेज-1 एवं फेज-2 के अंतर्गत आने वाली सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता निर्धारित करने के बाद ही केंद्र सरकार को भेजा जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय केवल परियोजनाओं की संख्या पर ध्यान न दिया जाए, बल्कि उनकी महत्ता, आवश्यकता और सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी प्रमुख आधार बनाया जाए।

सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास पर जोर

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत परियोजनाएं केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहें, बल्कि सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास में योगदान दें।

परियोजनाओं के चयन में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ कनेक्टिविटी, पर्यटन, रोजगार, आजीविका और रणनीतिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव के निर्देशों का सार

  • भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने से पहले परियोजनाओं की प्राथमिकता तय की जाए।
  • प्रत्येक संबंधित जनपद से 5-5 बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं।
  • सड़क और विद्युत ग्रिड कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाए।
  • नेटवर्क, टेलीविजन एवं संचार सुविधाओं के विस्तार पर फोकस किया जाए।
  • पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता मिले।
  • स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट शामिल किए जाएं।
  • सेना, एसएसबी और आईटीबीपी से संबंधित आवश्यक परियोजनाएं भी समिति के समक्ष रखी जाएं।
  • स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जनपदवार परियोजनाओं का चयन किया जाए।
  • अन्य सरकारी योजनाओं से फंडिंग संभव होने वाली परियोजनाओं को वहां से वित्तपोषित कराने का प्रयास किया जाए।
  • ऐसी परियोजनाओं के स्थान पर अन्य जरूरी और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को VVP सूची में शामिल किया जाए।
  • फेज-1 और फेज-2 की सभी परियोजनाएं प्राथमिकता तय करने के बाद ही केंद्र सरकार को भेजी जाएं।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, डीजी कारागार अभिनव कुमार, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ https://oneindiatimes.com/chief-minister-pushkar-singh-dhami-launched-the-chief-ministers-youth-future-building-scheme/ https://oneindiatimes.com/chief-minister-pushkar-singh-dhami-launched-the-chief-ministers-youth-future-building-scheme/#respond Mon, 07 Sep 2026 17:30:53 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69861

प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग, पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को मिलेगा विशेष लाभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना से जुड़ेंगे 11 हजार विद्यार्थी

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा।
  • योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
  • विशेष रूप से ऐसे विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जो आर्थिक कारणों, संसाधनों की कमी या अपने क्षेत्र में बेहतर कोचिंग की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
  • ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को अपने स्थान से ही कोचिंग और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आर्थिक स्थिति और संसाधनों की कमी नहीं बनेगी बाधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल मेहनत से ही नहीं, बल्कि सही दिशा, बेहतर रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास से भी हासिल होती है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अनेक प्रतिभाशाली युवा आर्थिक परिस्थितियों तथा उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। राज्य सरकार ने तय किया है कि संसाधनों की कमी अथवा आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी।

युवा शक्ति उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। प्रदेश के युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। जरूरत केवल उनकी प्रतिभा को सही दिशा देने, बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और आगे बढ़ने के लिए समान अवसर प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों पर लगातार काम कर रही है।

नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है।

उन्होंने बताया कि:

  • बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
  • भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
  • युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी सरकार का फोकस है।

युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार चाहती है कि उत्तराखण्ड का युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने।

इसी सोच के तहत प्रदेश में:

  • स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
  • उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
  • स्थानीय उत्पादों और स्थानीय संसाधनों से जुड़े रोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

रिवर्स पलायन को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन बढ़ा है। आज अनेक युवा गांवों की ओर लौटकर विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ रहे हैं।

युवा:

  • व्यवसाय,
  • कृषि,
  • बागवानी,
  • होमस्टे,
  • स्थानीय उत्पादों

से जुड़े उद्यमों के माध्यम से न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।

प्रदेश के भविष्य निर्माण में युवाओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं देखती, बल्कि उन्हें प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

इसी सोच के तहत प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन किया जा रहा है और उनके विचारों तथा सुझावों को जाना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की:

  • आशाओं,
  • आकांक्षाओं,
  • रोजगार से जुड़े विषयों

पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले न बनें, बल्कि प्रदेश की नीति और विकास की दिशा तय करने में भी सक्रिय भागीदार बनें।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया बड़े सपने देखने का आह्वान

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत एवं लगन से कार्य करें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को:

  • अवसर,
  • आवश्यक संसाधन,
  • बेहतर मार्गदर्शन,
  • पारदर्शी व्यवस्था

उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और संकल्प के बल पर नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे और उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

विद्यार्थियों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, सीधे किया संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे और उनसे सीधे संवाद किया।

उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी:

  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों,
  • भविष्य के लक्ष्यों,
  • करियर की आकांक्षाओं

के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पूरी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए जरूरी अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र-छात्राओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।

उच्च शिक्षा मंत्री ने योजना को बताया महत्वपूर्ण पहल

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन सुलभ होगा।

उच्च शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचे और वे इसका लाभ उठा सकें।

उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार पर सरकार का फोकस

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि:

  • इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे।
  • प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
  • ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को लगभग 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।

कोचिंग संस्थानों से सामाजिक दायित्व के रूप में कार्य करने की अपेक्षा

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की।

उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान इस योजना को केवल व्यावसायिक दायित्व के रूप में न देखें, बल्कि इसे व्यक्तिगत एवं सामाजिक दायित्व के रूप में भी लें।

मुख्य सचिव ने कहा कि:

  • सही मार्गदर्शन,
  • नियमित संवाद,
  • प्रत्येक विद्यार्थी की आवश्यकता के अनुरूप सहयोग

विद्यार्थियों की तैयारी और आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

युवाओं से अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील

मुख्य सचिव ने युवाओं से उपलब्ध अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प बेहद जरूरी हैं।

उन्होंने युवाओं से कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और अवसरों का बेहतर उपयोग करते हुए वे अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ें।

ये रहे प्रमुख संदेश

  • ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ।
  • प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा।
  • पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को योजना का विशेष लाभ मिलेगा।
  • आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी को युवाओं के सपनों में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
  • बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
  • युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर सरकार का जोर।
  • स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • प्रदेश में रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
  • ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन किया जा रहा है।
  • युवाओं से जुड़े विषयों के लिए प्रदेश में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
  • छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने की घोषणा।
  • ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को लगभग 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, महानिदेशक शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री https://oneindiatimes.com/the-chief-minister-attends-the-himalayo-naam-nagadhirajah-program-on-the-occasion-of-himalaya-day/ https://oneindiatimes.com/the-chief-minister-attends-the-himalayo-naam-nagadhirajah-program-on-the-occasion-of-himalaya-day/#respond Mon, 07 Sep 2026 15:29:46 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69857

मुख्यमंत्री की घोषणा-हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’

हिमालय परिषद् में मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों में वृद्धि के लिए ₹1 करोड़ की धनराशि की घोषणा

उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा – मुख्यमंत्री

देहरादून  :   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून में हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमालय परिषद् में मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों में वृद्धि के लिए ₹1 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि हिमालय के संरक्षण, संवर्धन एवं सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं हिमालयी क्षेत्रों के लिए समर्पित विशिष्ट व्यक्तित्वों को ‘हिमालय विभूति सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष हिमालय दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित पांच पोस्टरों का विमोचन किया। इनमें 7वें देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल, साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग, सीमांत बाल विज्ञान कांग्रेस, ज्ञानोत्कर्ष तथा 21वीं उत्तराखण्ड राज्य साइंस कॉन्फ्रेंस के पोस्टर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विज्ञान के लोकप्रियकरण पर केंद्रित पत्रिका ‘विज्ञान संप्रेषण’ के पांचवें वार्षिकांक का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय हमारे लिए केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और अस्तित्व का आधार है। आदि काल से हिमालय हमारे ऋषियों, मुनियों, साधकों और विचारकों की तपोभूमि रही है। गंगा और यमुना सहित अनेक जीवनदायिनी नदियों का उद्गम हिमालय से होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती हैं और इनका प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ग्लेशियरों पर बढ़ता दबाव, पारंपरिक जल स्रोतों पर संकट तथा अतिवृष्टि, भूस्खलन, वनाग्नि और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। हिमालय की संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए विकास कार्यों में विज्ञान, तकनीक, सुरक्षा और प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन किसी राज्य या देश की सीमाओं को देखकर अपना प्रभाव नहीं डालता। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में बहुत कम योगदान देने वाले हिमालयी क्षेत्रों को भी इसका बड़ा मूल्य चुकाना पड़ सकता है। इसलिए जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी और उसके समाधान के प्रयास साझा होने चाहिए। हिमालयी राज्यों की इस चिंता और आवाज को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों तक और मजबूती से पहुंचाने की आवश्यकता है। हिमालय के ग्लेशियर और जल स्रोत प्रभावित होने का असर नदियों, कृषि, पेयजल और करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए हिमालय संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि हमारे भविष्य से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी पर्यावरण को लेकर जागरूक है। आज युवा हिमालय, नदियों, जंगलों, स्वच्छ हवा और पानी जैसे विषयों पर गंभीरता से सोच रहे हैं। आने वाली पीढ़ियां हमसे केवल बड़ी इमारतों और चौड़ी सड़कों का हिसाब नहीं मांगेंगी, बल्कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी, नदियों और जंगलों का भी हिसाब मांगेंगी। इसलिए हमें आज ही तय करना होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों को कैसा उत्तराखण्ड सौंपकर जाना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, बिजली, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार की आवश्यकता है, लेकिन उत्तराखण्ड के विकास का मॉडल राज्य की अपनी भौगोलिक परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर ही निकलेगा। हमें ऐसा विकास चाहिए जिसमें सड़क भी बने और जंगल भी बचें, रोजगार भी बढ़े और नदियां भी निर्मल रहें, पर्यटन भी बढ़े और पहाड़ों की धारण क्षमता का भी ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मंत्र ‘मिशन लाइफ’ अर्थात ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ दिया है। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारों की नीतियों से नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में भी बदलाव लाना होगा। पानी और बिजली की बचत, प्लास्टिक का प्रयोग कम करना, स्वच्छता रखना, स्थानीय उत्पादों को अपनाना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार जैसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नमामि गंगे’, ‘नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग द हिमालयन इकोसिस्टम’ और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ जैसे प्रयासों के माध्यम से हिमालयी क्षेत्रों के संरक्षण और सतत विकास को गति दी जा रही है। राज्य सरकार भी उत्तराखण्ड को हिमालय संरक्षण की दिशा में मॉडल राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड हिमालय संरक्षण के विषय में केवल अपनी चिंता व्यक्त करने वाला राज्य न रहे, बल्कि पूरे देश को दिशा और नेतृत्व देने वाला राज्य बने। इसके लिए पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़कर हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के टिकाऊ समाधान तलाशने होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से 2 सितंबर के बुग्याल दिवस से 9 सितंबर के हिमालय दिवस तक पूरे सप्ताह को ‘हिमालय दिवस सप्ताह’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई है। हिमालय संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों और सेमिनारों तक सीमित न रहकर जन-जन का आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बुग्याल हमारी जैव विविधता और जल स्रोतों के महत्वपूर्ण आधार हैं, जंगल हमारी हवा, पानी और मिट्टी के रक्षक हैं तथा नदियां हमारी सभ्यता की जीवनधारा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय संरक्षण को पहाड़ की समृद्धि से भी जोड़ना होगा। गांवों में रोजगार, स्थानीय उत्पादों को बाजार, मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देकर पलायन को कम किया जा सकता है। हिमालय का संरक्षण और पहाड़ की समृद्धि एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। हमारे जंगल, बुग्याल, जैव विविधता, नदियां, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पाद हमारी इकोलॉजिकल वेल्थ हैं और यही भविष्य में हमारी इकोनॉमिक स्ट्रेंथ भी बन सकते हैं।

इस अवसर पर विधायक श्री किशोर उपाध्याय, हेस्को के संस्थापक एवं पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, रजिस्ट्रार वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ. राजेश उपाध्याय, संयुक्त निदेशक यू कॉस्ट श्री डी.पी. उनियाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज https://oneindiatimes.com/workers-are-scripting-a-new-chapter-of-the-states-development-with-the-sweat-of-their-brows-maharaj/ https://oneindiatimes.com/workers-are-scripting-a-new-chapter-of-the-states-development-with-the-sweat-of-their-brows-maharaj/#respond Mon, 07 Sep 2026 15:23:23 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69854

श्रम विभाग द्वारा पोखड़ा मुख्यालय पर आयोजित हुआ श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर

पोखड़ा (पौडी) । चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड पोखडा के ब्लॉक सभागार में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में जन प्रतिनिधियों, स्थानीय जनता को सम्बोधित करने के साथ-साथ जन समस्याओं को सुना और मौके पर ही पर ही उनका निस्तारण करने के लिए विभागीय अधिकारियो को निर्देश भी दिया।

कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने पोखड़ा विकासखण्ड मुख्यालय पर सोमवार को आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में क्षेत्रीय जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। श्रम विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार की पहल से प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं को भी मौके पर निस्तारित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन प्रदेश और देश के विकास की मजबूत कड़ी हैं। चाहे सड़क निर्माण हो, भवन निर्माण हो, औद्योगिक क्षेत्र हो अथवा अन्य श्रम आधारित कार्य, श्रमिकों के परिश्रम और योगदान के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

श्री महाराज ने कहा कि श्रमिक केवल श्रम नहीं करता, बल्कि अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखता है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि श्रमिकों को उनके अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरलता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से मिले। इसी दिशा में श्रमिकों का पंजीकरण और पंजीकरण का नवीनीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंजीकृत श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

इनमें श्रमिकों और उनके परिवारों से जुड़ी शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी सहायता शामिल हैं।
इसलिए मैं सभी श्रमिक भाई-बहनों से आग्रह करूंगा कि वे अपना पंजीकरण समय पर कराएं और जिनका पंजीकरण पहले से है, वे उसका नवीनीकरण भी अवश्य कराएं। इन शिविरों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि श्रमिकों को पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। विभाग द्वारा शिविरों के माध्यम से श्रमिकों तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह सरकार की उस सोच का हिस्सा है जिसमें व्यवस्था को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखकर उसे जनता के द्वार तक ले जाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। श्रमिकों का सम्मान और उनका कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक श्रमिक को पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया की पूरी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए। किसी भी श्रमिक को अनावश्यक परेशानी न हो और पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही, मैं श्रमिक भाई-बहनों से अपील करता हूँ कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने दस्तावेजों एवं पंजीकरण की स्थिति की जानकारी रखें और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के प्रति जागरूक रहें। अंत में, मैं एक बार फिर सभी श्रमिक भाई-बहनों को उनके अथक परिश्रम के लिए नमन करता हूँ। आपका श्रम ही हमारे प्रदेश की प्रगति की आधारशिला है। सरकार आपके सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस दौरान पोखड़ा मण्डल अध्यक्ष शैलेन्द्र दर्शन, प्रदेश भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुयश रावत, जिला महामंत्री महिपाल सिंह नेगी, ब्लाक प्रमुख संजय गुसाई, S.D.M- रेखा आर्य, खण्ड विकास अधिकारी एस०पी० शाह, विधायक प्रतिनिधि प्रभूशरण बुडाकोटी, जिला पंचायत सदस्य वलवन्त नेगी, महामंत्री सुनील, विकास, पुष्कर जोशी, भगत सिंह रावत, राजपाल सिंह रावत, जिला महामंत्री महिला मोर्चा मधुबाला, जिला मंत्री महिला मोर्चा- नीमा रामेश्वरी जोशी, राजपाल सहित अनेक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री श्री महाराज का पुष्प गुच्छ और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया गया।

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महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग https://oneindiatimes.com/maharaj-resolved-public-grievances-on-the-spot-and-participated-in-a-worker-registration-and-renewal-camp-organized-by-the-labour-department/ https://oneindiatimes.com/maharaj-resolved-public-grievances-on-the-spot-and-participated-in-a-worker-registration-and-renewal-camp-organized-by-the-labour-department/#respond Sun, 06 Sep 2026 15:14:50 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=69851

एकेश्वर (पौडी)। चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड एकेश्वर (पणखेत) के ब्लॉक सभागार में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में जन प्रतिनिधियों, स्थानीय जनता को सम्बोधित करने के साथ-साथ जन समस्याओं को सुना और मौके पर ही पर ही उनका निस्तारण करने के लिए विभागीय अधिकारियो को निर्देश भी दिया।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में क्षेत्रीय जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार की पहल से जनता की समस्याओं को मौके पर निस्तारित करने में आसानी रहती है। उन्होंने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन प्रदेश और देश के विकास की मजबूत कड़ी हैं। चाहे निर्माण कार्य हो, सड़क और भवन निर्माण हो, औद्योगिक क्षेत्र हो अथवा अन्य श्रम आधारित कार्य, श्रमिकों के परिश्रम और योगदान के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

महाराज ने कहा कि श्रमिक केवल श्रम नहीं करता, बल्कि अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखता है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि श्रमिकों को उनके अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरलता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से मिले। इसी दिशा में श्रमिकों का पंजीकरण और पंजीकरण का नवीनीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंजीकृत श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

इनमें श्रमिकों और उनके परिवारों से जुड़ी शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी सहायता शामिल हैं।
इसलिए मैं सभी श्रमिक भाई-बहनों से आग्रह करूंगा कि वे अपना पंजीकरण समय पर कराएं और जिनका पंजीकरण पहले से है, वे उसका नवीनीकरण भी अवश्य कराएं। इन शिविरों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि श्रमिकों को पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। विभाग द्वारा शिविरों के माध्यम से श्रमिकों तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह सरकार की उस सोच का हिस्सा है जिसमें व्यवस्था को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखकर उसे जनता के द्वार तक ले जाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। श्रमिकों का सम्मान और उनका कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।

मैं विभागीय अधिकारियों से भी अपेक्षा करता हूँ कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक श्रमिक को पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया की पूरी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए। किसी भी श्रमिक को अनावश्यक परेशानी न हो और पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही, मैं श्रमिक भाई-बहनों से अपील करता हूँ कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने दस्तावेजों एवं पंजीकरण की स्थिति की जानकारी रखें और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के प्रति जागरूक रहें। अंत में, मैं एक बार फिर सभी श्रमिक भाई-बहनों को उनके अथक परिश्रम के लिए नमन करता हूँ। आपका श्रम ही हमारे प्रदेश की प्रगति की आधारशिला है। सरकार आपके सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस दौरान मंडल अध्यक्ष राकेश नैथानी विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र भट्ट, जिला महामंत्री महिपाल नेगी वरिष्ठ भाजपा नेता वेद प्रकाश वर्मा, प्रभारी बृजमोहन रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुयश रावत, एसडीएम रेखा आर्य, खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा सहित स्वास्थ्य, पर्यटन, क़ृषि, सिचाई, लघु सिचाई, पेय जल, चिकित्सा, ऊर्जा, बाल विकास से सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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