One India Times – One India Times https://oneindiatimes.com National News Portal Mon, 26 Oct 2026 05:10:16 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://oneindiatimes.com/wp-content/uploads/2022/12/fav.png One India Times – One India Times https://oneindiatimes.com 32 32 आज गैरसैंण पहुंचेगी धामी सरकार,7 हजार करोड़ के बजट पर चर्चा, कांग्रेस ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति https://oneindiatimes.com/the-dhami-government-will-reach-gairsain-today-the-budget-of-7000-crore-rupees-will-be-discussed-while-the-congress-has-devised-a-strategy-to-corner-the-government/ https://oneindiatimes.com/the-dhami-government-will-reach-gairsain-today-the-budget-of-7000-crore-rupees-will-be-discussed-while-the-congress-has-devised-a-strategy-to-corner-the-government/#respond Mon, 26 Oct 2026 05:10:16 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70239

देहरादून। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण समेत प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक सोमवार शाम तक भराड़ीसैंण पहुंचेंगे। सत्र के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों की जिम्मेदारी संभालने के लिए अधिकारी और कर्मचारी रविवार को ही गैरसैंण पहुंच गए हैं।

दो दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान सरकार करीब 7 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा विभिन्न विधेयकों और सरकारी विभागों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट को भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी में सरकार

विधानसभा सत्र को देखते हुए धामी सरकार ने विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने की रणनीति तैयार की है। वहीं, विपक्ष प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस ने 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक सदन के भीतर भी विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।

विधायकों ने पूछे 430 से अधिक सवाल

सत्र के लिए अब तक विधायकों की ओर से 430 से अधिक प्रश्न विधानसभा सचिवालय को भेजे जा चुके हैं। हालांकि, पहले दिन दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस कारण प्रश्नकाल नहीं होगा। भोजनावकाश के बाद सरकार अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी।

विधानसभा सचिव ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सत्र के सुचारु संचालन के लिए विधानसभा सचिव हेम पंत ने भराड़ीसैंण पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। उनके साथ विधानसभा सचिवालय के कई अधिकारी भी वहां पहुंच चुके हैं। सोमवार को मंत्रियों, विधायकों और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के गैरसैंण पहुंचने के साथ ही सत्र से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

दो दिन के इस सत्र में अनुपूरक बजट, विधायी कार्यवाही और प्रदेश के प्रमुख मुद्दों पर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष की भूमिका पर सभी की नजरें रहेंगी।

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मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण https://oneindiatimes.com/chief-minister-dhami-conducted-an-on-site-inspection-of-the-pithoragarh-medical-college/ https://oneindiatimes.com/chief-minister-dhami-conducted-an-on-site-inspection-of-the-pithoragarh-medical-college/#respond Mon, 26 Oct 2026 05:02:32 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70236

इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू

निर्माण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के दिए निर्देश

पिथौरागढ़। मुख्यमंत्रि पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को चंडाक स्थित बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनके अनुभव एवं सुझाव जाने। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज के संचालन से पिथौरागढ़ सहित आसपास के सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ होंगी और स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों तक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री https://oneindiatimes.com/promoting-tourism-infrastructure-and-local-employment-in-border-areas-is-a-government-priority-chief-minister/ https://oneindiatimes.com/promoting-tourism-infrastructure-and-local-employment-in-border-areas-is-a-government-priority-chief-minister/#respond Mon, 26 Oct 2026 04:56:32 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70233

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ को दी 284 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात

33 विकास कार्यों का लोकार्पण और 34 का शिलान्यास, जनपद के विकास के लिए नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं

पिथौरागढ़ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में जनपदवासियों को 284 करोड़ रुपये से अधिक की 67 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 105.30 करोड़ रुपये की लागत के 33 कार्यों का लोकार्पण तथा 178.76 करोड़ रुपये की लागत के 34 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास से संबंधित नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। कार्यक्रम में उद्योग, कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के चेक वितरित किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने मुख्यमंत्री को हस्तशिल्प से निर्मित ‘सत्यमेव जयते’ की कलाकृति तथा बाबा नीम करौली की तस्वीर भेंट की।

मुख्यमंत्री ने जनसमूह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देखा और सुना। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये योजनाएं सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश भ्रमण के बाद क्षेत्र के प्रति श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से अधिक पहुंचने की संभावना है। इससे होमस्टे, परिवहन, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किए जा रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे सीमांत जनपद के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे। पिथौरागढ़–बांस–आंवलाघाट सड़क एवं पुल से गंगोलीहाट की दूरी कम होगी और हाट कालिका मंदिर तक पहुंचना आसान होगा।

उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून तक हवाई संपर्क को बढ़ावा दिया गया है। नैनीसैनी हवाई अड्डे को लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। कठोर नकल विरोधी कानून के अंतर्गत नकल माफियाओं पर कार्रवाई की गई है और 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। प्रदेश में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी सहित अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून तथा दंगा विरोधी कानून जैसे निर्णय राज्यहित में लिए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत फर्जी पहचान से लोगों को भ्रमित करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री की नौ प्रमुख घोषणाएं

1. नैनीसैनी देवत से कनारी पाभैं तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण किया जाएगा।

2. कैलीगाड़ पुल से बेस अस्पताल तक सड़क का सुधारीकरण एवं हॉटमिक्स कार्य किया जाएगा।

3. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट को उप जिला चिकित्सालय के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा।

4. अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मवानी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा।

5. मूनाकोट (रियांसी) में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

6. अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य किया जाएगा।

7. ज्याला मंदिर, छाना पाण्डेय में सीसी मार्ग का निर्माण किया जाएगा।

8. ग्राम चिमुशी में गाड़ देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

9. चण्डाक–छेड़ा दिगतोली सड़क का सुधारीकरण एवं चौड़ीकरण किया जाएगा।

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हल्द्वानी में ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में शामिल हुए सीएम धामी, बोले— देवभूमि की अस्मिता की रक्षा सरकार का संकल्प https://oneindiatimes.com/cm-dhami-attends-kumaon-dwar-mahotsav-in-haldwani-states-that-protecting-the-identity-of-devbhoomi-is-the-governments-resolve/ https://oneindiatimes.com/cm-dhami-attends-kumaon-dwar-mahotsav-in-haldwani-states-that-protecting-the-identity-of-devbhoomi-is-the-governments-resolve/#respond Mon, 26 Oct 2026 04:38:47 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70231

लोक संस्कृति के संरक्षण से लेकर युवाओं के भविष्य तक, हर मोर्चे पर काम कर रही सरकार

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव के आयोजक वैदेही कल्चरल एजुकेशन एंड आर्ट फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लोकगीत और लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के अभिन्न अंग हैं। छोलिया, झोड़ा, चांचरी और न्योली जैसी लोक विधाएं प्रदेश की समृद्ध विरासत को संजोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए उत्तराखंड का लोक संगीत देश-विदेश में पहचान बना रहा है और युवाओं की बढ़ती रुचि इस दिशा में सकारात्मक संकेत है।

देवभूमि की अस्मिता की रक्षा सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। देवभूमि की अस्मिता की रक्षा करना सरकार के लिए केवल राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि संकल्प है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और सशक्त भू-कानून की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा और सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के उचित अवसर उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का हित सत्ता से, जनहित राजनीति से और राष्ट्रहित वोटबैंक की राजनीति से ऊपर है। सरकार उत्तराखंड के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।

उत्तराखंड के लोगों पर टिप्पणी को लेकर जताई आपत्ति

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने संबंधी टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश के स्वाभिमान और सम्मान का मुद्दा उठाया। राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा गोलीकांड और आंदोलनकारियों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने राज्य निर्माण के लिए बड़ा संघर्ष और बलिदान दिया है। ऐसे में प्रदेशवासियों के सम्मान से जुड़ी टिप्पणियां संवेदनशील विषय हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के सम्मान से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयान देते समय राष्ट्रहित और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी प्रकरण पर कहा कि किसी बेटी को न्याय दिलाना समाज और व्यवस्था की गंभीर जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि इस संवेदनशील मामले में तथ्यों, प्रमाणों और न्यायिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बहन अंकिता को न्याय मिलना सर्वोपरि है। संवेदनशील मामलों को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर संवाद किया जाना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।

अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सरकार युवाओं को अवसर देने, महिलाओं को सशक्त बनाने और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता के सहयोग और विश्वास से उत्तराखंड सांस्कृतिक संरक्षण, विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

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ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’ https://oneindiatimes.com/a-night-assembly-ratri-chaupal-was-held-in-ranipokhri-mauza-to-ensure-the-prompt-resolution-of-villagers-problems/ https://oneindiatimes.com/a-night-assembly-ratri-chaupal-was-held-in-ranipokhri-mauza-to-ensure-the-prompt-resolution-of-villagers-problems/#respond Sat, 24 Oct 2026 06:05:59 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70228

एडीएम के.के. मिश्रा ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, 18 शिकायतें प्राप्त; अधिकांश का मौके पर निस्तारण

सड़क, बिजली, पेयजल, भूमि विवाद एवं सोलर सब्सिडी से जुड़ी समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की धरातलीय स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन देहरादून द्वारा शुरू की गई अनूठी पहल ‘रात्रि चौपाल’ के तहत विकासखंड डोईवाला की ग्राम पंचायत रानीपोखरी मौजा में चौपाल आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा की अध्यक्षता तथा दर्जाधारी राज्य मंत्री धीरेंद्र पवार की उपस्थिति में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 18 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों पर संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने सड़क, विद्युत, पेयजल, भूमि संबंधी विवाद, जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।

जनसमस्याओं के समाधान त्वरित एक्शन ले अधिकारी: एडीएम

अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने कहा कि रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी समस्याओं को गांव में ही चिन्हित कर उनका त्वरित प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इस पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाई जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चौपाल में प्राप्त शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए उनके निस्तारण की प्रगति पर भी नजर रखी जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ सुगमता से मिल सके।

रात्रि चौपाल में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
भूमि संबंधी शिकायत: स्थानीय निवासी रतन सिंह बागंबरदत्त द्वारा भूमि संबंधी समस्या उठाए जाने पर उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। विद्युत कनेक्शन: जॉलीग्रांट निवासी पुष्पा कुमाई द्वारा बिजली का कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत पर विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सोलर सब्सिडी: संतराम रियल द्वारा सोलर सब्सिडी प्राप्त न होने की शिकायत पर संबंधित विभाग को मामले का परीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पेयजल पाइपलाइन एवं विद्युत मीटर: मनोज गोड द्वारा पेयजल पाइपलाइन में लीकेज तथा बिजली का मीटर खराब होने की समस्या उठाए जाने पर जल संस्थान एवं विद्युत विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से संबंधित शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से लिया फीडबैक
चौपाल के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता तथा पात्र लाभार्थियों तक उनकी पहुंच की स्थिति का आकलन किया।
इस दौरान अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया।

कृषकों को निशुल्क बीज वितरित, कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने पर जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा चौपाल में उपस्थित कृषकों को निशुल्क बीज वितरित किए गए। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा आजीविका के अतिरिक्त अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
चौपाल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि, बागवानी, पशुपालन, ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे तथा स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीणों की भागीदारी से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।

स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक

रात्रि चौपाल में स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन से संबंधित विषयों पर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूड़े का उचित प्रबंधन करने तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ वातावरण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए ग्रामीणों से स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग की अपील की।

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर भी संवाद

जिला प्रशासन की इस पहल के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन, ग्रामीण पर्यटन एवं स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से स्थानीय समस्याओं और विकास की आवश्यकताओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
रात्रि चौपाल के माध्यम से गांवों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति, विकास योजनाओं की प्रगति और सरकारी सेवाओं की पहुंच का आकलन कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल
जिला प्रशासन देहरादून की रात्रि चौपाल का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान, विकास कार्यों की समीक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना भी है। इस पहल के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे स्थानीय समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिल रही है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध हो तथा उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।

रात्रि चौपाल में दर्जाधारी राज्य मंत्री धीरेंद्र पवार, ग्राम प्रधान अरुणा भंडारी, ग्राम प्रधान बड़कोट दीक्षा भट्ट, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, खंड विकास अधिकारी राजेंद्र बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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तुलसी की पत्तियों में छिपे हैं सेहत के कई राज, पाचन से लेकर तनाव कम करने तक मिल सकते हैं फायदे https://oneindiatimes.com/tulsi-leaves-hold-many-secrets-to-good-health-they-offer-benefits-ranging-from-aiding-digestion-to-reducing-stress/ https://oneindiatimes.com/tulsi-leaves-hold-many-secrets-to-good-health-they-offer-benefits-ranging-from-aiding-digestion-to-reducing-stress/#respond Sat, 24 Oct 2026 05:53:57 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70225

भारतीय घरों में पूजनीय मानी जाने वाली तुलसी का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों में कई जैव सक्रिय यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जिनकी वजह से इन्हें स्वास्थ्य के लिहाज से उपयोगी माना जाता है। चाय, काढ़े या अन्य घरेलू तरीकों से तुलसी का सेवन किया जाता है। हालांकि, इसके सभी बताए जाने वाले फायदों की पुष्टि के लिए पर्याप्त मानव शोध उपलब्ध नहीं है।

ब्लड शुगर को लेकर क्या कहता है शोध?

तुलसी पर किए गए कुछ शुरुआती अध्ययनों में रक्त शर्करा के स्तर पर संभावित सकारात्मक प्रभाव के संकेत मिले हैं। हालांकि, इन निष्कर्षों के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि तुलसी अकेले डायबिटीज को नियंत्रित या ठीक कर सकती है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं और खानपान संबंधी सावधानियां जारी रखनी चाहिए। तुलसी को निर्धारित उपचार का विकल्प नहीं बनाना चाहिए।

त्वचा की देखभाल में भी होता है इस्तेमाल

तुलसी की पत्तियों का उपयोग पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है। इनमें मौजूद कुछ यौगिकों में एंटीऑक्सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं। हालांकि, त्वचा पर तुलसी लगाने से मुंहासे या दूसरी समस्याएं ठीक होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसका इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ लोगों को जलन या एलर्जी हो सकती है।

पाचन संबंधी समस्याओं में संभावित भूमिका

तुलसी में पाया जाने वाला यूजेनॉल सहित कुछ प्राकृतिक यौगिक वैज्ञानिक शोध का विषय रहे हैं। पारंपरिक तौर पर तुलसी का इस्तेमाल पाचन संबंधी परेशानी में भी किया जाता है। हालांकि, गैस, एसिडिटी या दूसरी पाचन समस्याओं के इलाज में इसकी प्रभावशीलता को लेकर अभी और शोध की जरूरत है। लगातार पेट दर्द या अन्य गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर संभावित असर

तुलसी को आयुर्वेद में तनाव से निपटने में सहायक माना जाता है। कुछ शुरुआती अध्ययनों में तुलसी के सेवन और तनाव से जुड़े लक्षणों के बीच संभावित संबंध सामने आए हैं। इसके बावजूद, चिंता या अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में तुलसी की भूमिका को पूरी तरह स्थापित करने के लिए अधिक उच्च गुणवत्ता वाले शोध की आवश्यकता है। लगातार तनाव या नींद की समस्या होने पर विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर है।

तुलसी का सेवन करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

तुलसी का इस्तेमाल सामान्य आहार के हिस्से के रूप में किया जा सकता है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन या औषधीय रूप में नियमित इस्तेमाल करने से पहले सावधानी जरूरी है। खासकर मधुमेह की दवाएं लेने वाले, गर्भवती महिलाएं और नियमित दवाओं का सेवन करने वाले लोग डॉक्टर से सलाह लें। तुलसी को किसी भी बीमारी का निश्चित इलाज मानने के बजाय संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही अपनाना चाहिए।

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किराये के कमरे में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, महिला सहित 4 गिरफ्तार https://oneindiatimes.com/prostitution-racket-operating-out-of-a-rented-room-busted-4-arrested-including-a-woman/ https://oneindiatimes.com/prostitution-racket-operating-out-of-a-rented-room-busted-4-arrested-including-a-woman/#respond Sat, 24 Oct 2026 05:51:32 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70222

व्हाट्सएप पर ग्राहकों को भेजी जाती थीं युवतियों की तस्वीरें, मौके से आपत्तिजनक सामग्री और ₹3,500 नकद बरामद

देहरादून। राजधानी देहरादून में अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने एक मकान में छापेमारी कर कथित देह व्यापार के धंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से आपत्तिजनक सामग्री, दवाइयां और 3,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

देहरादून के एसएसपी के निर्देश पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को 23 अक्टूबर को संस्कृति लोक कॉलोनी, ब्राह्मणवाला क्षेत्र में किराये के कमरे में देह व्यापार संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने लेन नंबर-1 स्थित एक मकान में अचानक छापेमारी की।

पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान मकान के एक कमरे में एक महिला और एक पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले, जबकि दूसरे कमरे में दो अन्य महिलाएं मौजूद थीं। पुलिस ने मौके से कथित रूप से देह व्यापार संचालित करने वाली महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से होता था संपर्क

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, मुख्य आरोपी महिला अजमीरा ने मकान किराये पर लिया था। आरोप है कि वह फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करती थी तथा उन्हें युवतियों की तस्वीरें भेजती थी। ग्राहकों की मांग के अनुसार बाहरी जनपदों और अन्य राज्यों से महिलाओं को बुलाकर किराये के कमरे में अनैतिक देह व्यापार कराया जाता था।

अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजमीरा (42), शेख अजीजल (30), रजनी (25) और अन्नू (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों के पते देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जनपदों से संबंधित हैं।

पुलिस टीम

कार्रवाई में पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौड़, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मुकेश थलेड़ी, उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, महिला उपनिरीक्षक शिखा, कांस्टेबल पंकज और महिला कांस्टेबल किरण शामिल रहे।

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उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, सात जिलों में बारिश के आसार; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान https://oneindiatimes.com/weather-to-change-in-uttarakhand-rain-expected-in-seven-districts-with-snowfall-forecast-for-high-altitude-areas/ https://oneindiatimes.com/weather-to-change-in-uttarakhand-rain-expected-in-seven-districts-with-snowfall-forecast-for-high-altitude-areas/#respond Sat, 24 Oct 2026 05:46:07 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70219

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव का असर खासतौर पर पहाड़ी जिलों में देखने को मिल सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार 24 अक्टूबर को देहरादून सहित सात जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इन जिलों में टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ भी शामिल हैं। वहीं, समुद्र तल से 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 26 अक्टूबर तक प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

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युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री https://oneindiatimes.com/the-vision-of-a-developed-india-2047-will-be-realized-through-the-talent-hard-work-and-dedication-of-the-youth-chief-minister/ https://oneindiatimes.com/the-vision-of-a-developed-india-2047-will-be-realized-through-the-talent-hard-work-and-dedication-of-the-youth-chief-minister/#respond Thu, 22 Oct 2026 16:18:43 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70216

मुख्यमंत्री ने यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में किया प्रतिभाग

जीवन में व्यवहार, विनम्रता और संस्कार ही तय करते हैं हमारी असली पहचान

युवा रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें : मुख्यमंत्री

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बिधौली, देहरादून स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। अब वे विश्वविद्यालय से निकलकर जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने परिश्रम और क्षमताओं के बल पर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अच्छे कार्य करने और दूसरों की सहायता करने से वास्तविक खुशी एवं संतुष्टि मिलती है। व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में सदैव सीखने की भावना बनाए रखने और अपने ज्ञान एवं क्षमताओं का उपयोग समाज तथा देश की प्रगति में करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीईएस ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने पिछले दो दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से विकसित भारत का संकल्प अवश्य साकार होगा। उन्होंने कहा कि यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-दुनिया में जहां भी जाएंगे, अपनी प्रतिभा, कार्यक्षमता और उपलब्धियों से उत्तराखण्ड सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों से स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड के युवा विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक हैं और समाज तथा देश से जुड़े मुद्दों पर अपनी सकारात्मक सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूक और प्रतिभाशाली युवा ही किसी भी राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें। इसी उद्देश्य से राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। सरकार युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों के परिजनों से भी संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए।

4,795 विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही हैं उपाधियां

यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 विद्यार्थी तथा यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं।

इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ https://oneindiatimes.com/chief-minister-launches-voice-collection-portal-of-garhwali-kumaoni-and-jaunsari-folk-languages/ https://oneindiatimes.com/chief-minister-launches-voice-collection-portal-of-garhwali-kumaoni-and-jaunsari-folk-languages/#respond Thu, 22 Oct 2026 16:03:21 +0000 https://oneindiatimes.com/?p=70213

मुख्यमंत्री की कुमाऊँनी वॉइस क्लिप से हुई अभियान की शुरुआत

लोकभाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी : मुख्यमंत्री

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में एआई स्ट्रैटेजिक इंजीनियरिंग (AiSE) फाउंडेशन द्वारा विकसित ‘भाषा एआई’ पहल के अंतर्गत गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की कुमाऊँनी भाषा में रिकॉर्ड की गई वॉइस क्लिप से अभियान की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखण्ड की लोकभाषाओं को एआई से जोड़कर उनके संरक्षण, संवर्धन और डिजिटल माध्यमों पर उपयोग को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री ने एआईएसई फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हमारी बोली-भाषाएं हमारी पहचान हैं। अपनी पहचान को बनाए रखने तथा लोककला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और भविष्य में इसका दायरा और व्यापक होगा। ऐसे में हमें अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को भी इस तकनीक के अनुरूप विकसित करना होगा, ताकि हमारी समृद्ध भाषाई विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूर-दराज के गांवों और क्षेत्रों में रहने वाला व्यक्ति भी अपनी बोली-भाषा के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके और अपनी बात आसानी से सरकार तक पहुंचा सके। इसके लिए आवश्यक है कि एआई हमारी स्थानीय भाषाओं को सही ढंग से समझ सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के शब्दों का व्यापक संग्रह तैयार करने के साथ ही उनके सही उच्चारण और बोलने की शैली को भी एआई से जोड़ना होगा। इससे एआई हमारी बोली-भाषाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेगा और लोगों को उनकी स्थानीय भाषा में सटीक जानकारी उपलब्ध करा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में एक ही शब्द का उच्चारण अलग-अलग ढंग से किया जाता है। पोर्टल के माध्यम से जानकारी अपलोड करने से एआई को स्थानीय भाषाओं के शब्दों, उच्चारण और बोलने की विविध शैलियों को समझने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल हमारी लोकभाषाओं के संरक्षण के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को अपनी लोककला, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस कार्य से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर पद्मश्री लोकगायक श्री प्रीतम भरतवाण ने कहा कि हमारी लोकभाषाओं में लोकजीवन, लोकगीत, जागर और सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्ध विरासत समाहित है। जागर अकादमी इस पहल में स्थानीय भाषाओं के सही उच्चारण और उनकी मौलिकता को बनाए रखने में सहयोग करेगी।

एआईएसई फाउंडेशन के संस्थापक सचिदानंद सेमवाल ने बताया कि ‘भाषा एआई’ पहल के माध्यम से गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के शब्दों एवं आवाजों का संग्रह तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में एआई आधारित तकनीक को इन लोकभाषाओं में संवाद करने में सक्षम बनाना है।

इस अवसर पर शक्ति प्रसाद भट्ट, गजेंद्र नौटियाल, अनिरुद्ध रैथवान, निधि सेमवाल, अनिल गोदियाल, डॉ. जे.के. पांडे एवं देव रतूड़ी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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