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देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत ने गैरसैंण के मुद्दे को लेकर फिर से कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए नेताओं पर पलटवार किया। कहा कि 2016 में हमारी सरकार भंग न होती तो गैरसैंण के यक्ष प्रश्नों का आज समाधान गया होता। गैरसैंण पर मेरी तथ्यात्मक बातों से भाजपा में गए उज्याडू़ बल्द और प्रवक्ता बौखलाहट में बयान दे रहे हैं।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, सत्यता यह है कि जिस तेजी और दिशा की तरफ 2016 में हमारी सरकार चल रही थी। उसके केंद्र में गैरसैंण था। हमने जो बजट पारित कराया था, यदि सरकार भंग नहीं होती और विधानसभा में पारित बजट प्रस्तावों को चार महीने उलझा नहीं दिया गया होता तो गैरसैंण के यक्ष प्रश्न का भी आज समाधान होता। साथ ही नौ जिले भी अस्तित्व में आ गए होते।

भाजपा न केवल गैरसैंण के पापियों को अपनाए हुए है। भाजपा ने अब विधानसभा का भी एक संस्था के रूप में अवमूल्यन कर दिया है। विधानसभा में पारित नगर निकाय को विधेयक को प्रवर समिति को भेजना इसका उदाहरण है। निकाय चुनाव में हार से घबराई भाजपा उच्च न्यायालय की अवमानना करने का भी रास्ता निकल रही है।

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