Headline
मुख्य सचिव ने किया लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण
“पेड़ नहीं, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य लगा रहे हैं”- बंशीधर तिवारी
हरेला पर पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का संकल्प, एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व पर किया राज्य स्तरीय पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ
श्रावणी मेले का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी ने जागेश्वर धाम में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वृद्ध जागेश्वर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण
‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को देगा नई गति : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
गढ़ी कैंट में मलबा गिरने से दो श्रमिक दबे, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराया रेस्क्यू

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जल विद्युत निगम और एलएंडटी को वर्ष 2031 तक कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए

मैनपावर और मशीन बढ़ाए जाने के दिए निर्देश

लखवाड़ से बहुत से राज्य होंगे लाभान्वित

समयबद्धता एवं गुणवत्ता हो प्राथमिकता

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने परियोजना निर्माण के विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों को बारीकी से जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना एक राष्ट्रीय स्तर की महत्त्वपूर्ण परियोजना है। बहुत से राज्यों को इससे लाभ पहुंचेगा। उन्होंने एमडी यूजेवीएनएल को इस महत्त्वपूर्ण योजना को वर्ष 2031 तक निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने का लक्ष्य दिया। कहा कि कार्य समय पर पूर्ण किए जाने हेतु सभी संस्थाएं अगले 2, 3 दिन में प्लान कर अवगत कराएं। उन्होंने इसके लिए आवश्यक मशीन और मैनपावर बढ़ाए जाने पर जोर दिया। ज्ञात हो कि जल विद्युत निगम द्वारा परियोजना पूर्ण होने का लक्ष्य दिसंबर 2034 निर्धारित किया गया था।

मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण कार्य समय पर पूरा करने को पर्ट चार्ट तैयार कर उसका शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना को पूर्ण किए जाने के लिए गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने परियोजना से सम्बन्धित विशेषज्ञों द्वारा सभी अनिवार्य तकनीकी परीक्षण अनिवार्य रूप से कर लिये जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि यह सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है कि परियोजना का कार्य समय से पर हो। उन्होंने कार्यदायी संस्था एलएंडटी और उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के अधिकारियों को मौके पर रह कर अपने स्तर से दैनिक, पाक्षिक और मासिक रूप से समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रीय जल आयोग द्वारा अपेक्षित सभी तकनीकी परीक्षण को शीघ्र से शीघ्र पूर्ण करा कर उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य सचिव ने अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा वितरण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, प्रभावित लोगों से लगातार संवाद कर मामलों का निस्तारण किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, एमडी उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम  ए. के. सिंह, महाप्रबंधक एलएंडटी प्रभु कुमार एवं प्रोजेक्ट मैनेजर विष्णु मोहन श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top