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समाज को तोड़ने में जुटी है भाजपा- हरीश रावत

देहरादून। एक तरफ देश की संसद में बहुचर्चित वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ इस बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है, जिससे उत्तराखंड भी अछूता नहीं है।

बीते रोज लोकसभा में पेश किया गया वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पास हो गया। देर रात हुए मत विभाजन में बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। इस बिल के लोकसभा में पास होने के बाद सोनिया गांधी ने इसे सरकार की जबरदस्ती और लोकतंत्र की हत्या करार दिया था। इस बिल को लेकर देशभर के मुस्लिम नेता और संगठनों द्वारा इसका विरोध करते हुए यह कहा जा रहा है कि सरकार इसके जरिए मुसलमान को खत्म करना चाहती है, और वह अब इसके विरोध में सर्वाेच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे। उल्लेखनीय है कि यह बिल लोकसभा में विपक्ष द्वारा दिए गए सुझावों को नकारते हुए पास किया गया है तथा चंद्रबाबू की टीडीपी व नीतीश कुमार जदयू के द्वारा इसका समर्थन करने से यह बिल पास हो सका है।

इस बिल को लेकर उत्तराखंड से लेकर अन्य तमाम राज्यों में भी भाजपा और विपक्ष के नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि भाजपा देश के समाज को तोड़ने और बांटने में जुटी हुई है। भाजपा के द्वारा एक सुनियोजित तरीके से अभियान चलाया जा रहा है कभी मजार और मदरसों को अवैध बता कर तोड़ा जाता है तो कभी वक्फ बिल लाकर मुसलमानों के अधिकारों को छीनने की कोशिशे की जाती है। उनका कहना है कि भाजपा इसके सहारे अपना हिंदुत्व का नरेशन सेट करने में जुटी हुई है। हरीश रावत कि इस टिप्पणी पर पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल ने पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष का काम क्या है सरकार के हर काम का विरोध करना और हल्ला मचाना। उन्हें हंगामा करने दीजिए उससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखकर काम कर रही है। राज्यसभा में बिल पारित होते ही सब शांत हो जाएंगे।

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