Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

चंद्रयान-5 मिशन को जापान के सहयोग से करेंगे पूरा –  इसरो प्रमुख नारायणन 

चेन्नई। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा कि केंद्र सरकार ने चंद्रमा का अध्ययन करने के लिए महत्वाकांक्षी चंद्रयान-5 मिशन को हाल ही में मंजूरी दी है। नारायणन ने एक कार्यक्रम में कहा कि चंद्रयान-5 मिशन के तहत चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए 250 किलोग्राम का रोवर ले जाया जाएगा। चंद्रयान-3 मिशन में 25 किलोग्राम का रोवर प्रज्ञान चंद्रमा पर गया था। चंद्रयान मिशन के तहत चंद्रमा की सतह का अध्ययन किया जा रहा है। 2008 में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित चंद्रयान-1 ने चंद्रमा का रासायनिक, खनिज और फोटो-भूवैज्ञानिक डाटा जुटाया था। 2019 में लांच किया गया चंद्रयान-2 मिशन 98 प्रतिशत सफल रहा।

इसरो प्रमुख नारायणन ने कहा कि चंद्रयान-2 पर लगा हाई रिजोल्यूशन कैमरा अभी भी सैकड़ों तस्वीरें भेज रहा है। चंद्रयान-3 मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और रोवर की क्षमता का प्रदर्शन करना है। चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की थी। चंद्रयान-4 मिशन को 2027 में प्रक्षेपित किये जाने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य चंद्रमा से एकत्रित नमूने लाना है।

नारायणन ने कहा, तीन दिन पहले ही हमें चंद्रयान-5 मिशन के लिए मंजूरी मिली है। हम इसे जापान के सहयोग से पूरा करेंगे। इसरो की भावी परियोजनाओं के बारे में नारायणन ने कहा कि गगनयान सहित विभिन्न मिशनों के अलावा भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top