Headline
हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील
मुख्यमंत्री ने किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने वन-क्लिक के माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों को जारी की अगस्त माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन

नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत के बाद राष्ट्रपति की सीट खाली हो गई है. अब ईरानी सरकार की तीन शाखाओं के प्रमुखों ने देश में आकस्मिक राष्ट्रपति चुनाव के लिए 28 जून की तारीख पर सहमति जताई है. तेहरान में प्रेसीडेंसी कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान तारीख की पुष्टि की गई.

बैठक में ईरान की कार्यकारी शाखा के प्रमुख मोहम्मद मोखबर, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ और न्यायपालिका प्रमुख घोलम-होसैन मोहसेनी-एजेई ने भाग लिया. पूर्वी अज़रबैजान प्रांत में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राष्ट्रपति राईसी की मौत के बाद इस सत्र में तीन अधिकारियों के बीच कुछ घंटों के अंदर ये दूसरी बैठक हुई.

ईरानी संविधान के अनुच्छेद 131 के अनुसार, देश के शीर्ष तीन अधिकारियों को मौजूदा राष्ट्रपति की मृत्यु या अक्षमता के 50 दिनों के भीतर राष्ट्रपति चुनाव की व्यवस्था करने का आदेश दिया गया है. सोमवार को हुई बैठक में कानूनी मामलों के लिए ईरानी उपाध्यक्ष मोहम्मद देहगान, गार्जियन काउंसिल के उपाध्यक्ष सियामक रहपेयकंद और राजनीतिक मामलों के उप आंतरिक मंत्री मोहम्मद तगी शाहचेराघी की उपस्थिति देखी गई.

ईरान में कैसे होता है चुनाव?
ईरान में हर 4 साल में चुनाव होता है. पिछला चुनाव 2021 में हुआ था. हालांकि, इस बार इब्राहिम रईसी की मौत के बाद जल्द ही चुनाव करवाया जाएगा. ईरान में गार्डियन काउंसिल चुनाव कराती है. यह सुप्रीम लीडर की देखरेख में 6 इस्लामी जजों और 6 वरिष्ठ मौलवियों का एक पैनल होता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top