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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में अब 75 नहीं, बल्कि 76 जिले होंगे। नई प्रशासनिक इकाई का नाम ‘महाकुंभ मेला जिला’ रखा गया है। प्रयागराज के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की। यह जिला विशेष रूप से महाकुंभ मेले के आयोजन और प्रबंधन के लिए अस्तित्व में आया है।

चार तहसीलों से बना नया जिला
प्रयागराज की चार तहसीलों—सदर, सोरांव, फूलपुर, और करछना—के 67 गांवों को अलग करके यह नया जिला बनाया गया है। महाकुंभ मेला जिला में प्रयागराज का पूरा परेड क्षेत्र शामिल किया गया है।

तहसील सदर के 25 गांव
तहसील सोरांव के 3 गांव
तहसील फूलपुर के 20 गांव
करछना तहसील के 19 गांव

अधिकारियों की नियुक्ति
नए जिले के पहले जिलाधिकारी विजय किरन आनंद होंगे, जबकि राजेश द्विवेदी को एसएसपी नियुक्त किया गया है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि महाकुंभ मेले का संचालन सुचारू रूप से हो और किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन
महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा, जिसमें कुल छह शाही स्नान होंगे।

पहला शाही स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेले की तैयारियों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं।
13 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचकर गंगा पूजन के साथ महाकुंभ मेले का शुभारंभ करेंगे।

महाकुंभ की ऐतिहासिक परंपरा
महाकुंभ का आयोजन 12 वर्षों में एक बार होता है। इसे सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने हर संभव कदम उठाए हैं। प्रयागराज में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

नए जिले की अधिसूचना और प्रशासनिक विभाजन का उद्देश्य महाकुंभ मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना है।

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