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नई दिल्ली। भारत और गुयाना के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और भी प्रगाढ़ बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुयाना के प्रसिद्ध सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल का दौरा किया। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति गुयाना में बढ़ते हुए सम्मान और उनके फल-फूलने के बारे में अपनी बात साझा की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, “गुयाना में भारतीय संस्कृति और परंपराएँ सचमुच फल-फूल रही हैं। मुझे एक ऐसे स्‍थल पर जाने का अवसर मिला है, जो सांस्कृतिक समागम और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने में हमेशा अग्रणी रहा है – सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल। मैं इस स्कूल के सभी सदस्यों की सराहना करता हूं और साथ ही स्वामी आकाशरानंद जी के नेतृत्व में किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा करता हूं, जिन्होंने भारत और गुयाना के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

प्रधानमंत्री का यह बयान दोनों देशों के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों का प्रतीक है, और इसने भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को विदेशों में फैलाने में मदद करने के लिए किए गए योगदान की भी सराहना की है।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने स्वामी आकाशरानंद के अद्वितीय योगदान को भी मान्यता दी, जो गुयाना में भारतीय संस्कृति को फैलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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