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गुरुग्राम में AWPL के “विजय पर्व” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 133वाँ संस्करण सुना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में  प्रदेशभर से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
सीएम धामी ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से फोन पर बात कर बधाई दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
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चारधाम यात्रा 2026 को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का ऐतिहासिक पहल , ड्रोन से होगी कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंग
कल श्रीनगर के लिए होगी रवाना

ऋषिकेश। तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी। आज रात मुनि की रेती में विश्राम करने के बाद यात्रा कल श्रीनगर के लिए रवाना होगी। श्रीबदरीनाथ धाम गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा 25 अप्रैल की देर शाम नरेंद्र नगर राज दरबार से निकली थी। आज ऋषिकेश में श्रद्धालुओं को यात्रा के दर्शन का पुण्य प्राप्त हुआ। 11 मई की शाम कई पड़ावों से होते हुए यात्रा बदरीनाथ धाम पहुंचेगी और 12 मई को धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।

बीती गुरुवार को राजमहल नरेंद्र नगर में परंपरानुसार डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत पदाधिकारियों की उपस्थिति में महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह और सुहागिन महिलाएं भगवान बदरी विशाल के अभिषेक के लिए तिलों से तेल पिरोकर चांदी के कलश में रखा। पूजा-अर्चना के बाद राजमहल में तेल का कलश गाडू घड़ा डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत पदाधिकारियों को सौंपा गया।

भगवान बदरीनाथ के अभिषेक के उपयोग में लाया जाने वाला तिल का तेल नरेंद्रनगर राजदरबार में पिरोया जाता है। और यह तेल गाड़ू घड़ा में डाला जाता है। गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा नरेंद्रनगर राजदरबार से रवाना हुई और शाम को ऋषिकेश पहुंची। सात मई तक गाडूघड़ा तेल कलश लक्ष्मी नारायण मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। 8 को यात्रा सिमली, कर्णप्रयाग होते हुए पाखी गांव पहुंचेगी। 9 को नृसिंह मंदिर जोशीमठ और 10 को यात्रा आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी), धर्माधिकारी व वेदपाठियों के साथ रात्रि प्रवास के लिए योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी।

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