Headline
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील
मुख्यमंत्री ने किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने वन-क्लिक के माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों को जारी की अगस्त माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन
फ्लाइंग कार बनाने वाले रवि टमटा से मिले सीएम धामी, स्टार्टअप को सरकारी मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी का विकास प्राधिकरणों को सख्त निर्देश—लंबित मास्टर प्लान और परियोजनाओं में तेजी लाएं, हर कार्य की तय हो समय-सीमा

महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनावों के लिए वोट डाले जाएंगे, और चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इससे पहले, महायुति में बगावत की एक नई घटना सामने आई है। बगावत की मुख्य वजह छगन भुजबल के भतीजे और एनसीपी अजित पवार की मुंबई इकाई के अध्यक्ष समीर भुजबल हैं, जिन्होंने एनसीपी से इस्तीफा दे दिया है।

सूत्रों के अनुसार, भुजबल नंदगांव निर्वाचन क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, यह सीट वर्तमान में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के नियंत्रण में है।

जानकारी के मुताबिक, यदि समीर भुजबल को अजित पवार गुट से उनकी उम्मीदवारी नहीं मिलती है, तो वे एनसीपी के शरद पवार गुट से चुनाव लड़ने की संभावना पर विचार कर सकते हैं।

इस घटनाक्रम ने चुनावी परिदृश्य में उथल-पुथल मचा दी है, और इससे महायुति की एकता पर सवाल उठने लगे हैं। आगामी चुनावों में इस बगावत का क्या असर पड़ेगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top