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नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ
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चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
लोक गीतों की धुनों के बीच सीएम आवास में निखरे होली के रंग, होली मिलन कार्यक्रम में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार’
मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक उल्लास के साथआयोजित हुआ होली मिलन समारोह
सीएम धामी ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां जनता ने पुष्पवर्षा कर किया भव्य स्वागत
सीएम धामी ने हल्द्वानी में कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की मां नन्दा राजजात यात्रा मार्गो पर अवस्थापना सुविधाओं केे विकास हेतु ₹ 3.08 करोड की धनराशि

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुस्लिम पुरुषों के निकाह को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पुरुष नगर निगम ऑफिस में तीसरी शादी का भी पंजीकरण करा सकते हैं। किसी अधिनियम के तहत उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता।

क्या है मामला?
मुंबई के एक व्यक्ति ने अपनी तीसरी शादी पंजीकृत कराने के लिए नगर निगम कार्यालय में आवेदन किया था। हालांकि, निगम अधिकारियों ने उसका आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह उनकी तीसरी शादी है। व्यक्ति और उसकी पत्नी ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की थी।

निगम का तर्क
नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र विवाह ब्यूरो विनियमन एवं विवाह पंजीकरण अधिनियम के तहत केवल एक ही विवाह को पंजीकृत किया जा सकता है।

कोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि यह गलत धारणा पर आधारित है। अदालत ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत पुरुषों को चार विवाह करने की अनुमति है, और इस कानून में ऐसा कुछ नहीं है जो मुस्लिम व्यक्ति को तीसरी शादी पंजीकृत कराने से रोके।

 

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