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पणजी: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव हर जगह देखे जा सकते हैं, और यह समाज के सबसे हाशिये पर रहने वाले वर्गों जैसे मछुआरों और किसानों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। उन्होंने यह बात गोवा के राज्यपाल पी.एस. श्रीधरन पिल्लई की पुस्तक ‘भारत के पारंपरिक वृक्ष’ के विमोचन कार्यक्रम के दौरान कही।

CJI ने कहा कि राज्य और नागरिकों को मिलकर पर्यावरण की रक्षा, संरक्षण और सुधार के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा, “जलवायु परिवर्तन केवल समृद्ध वर्गों को नहीं, बल्कि सबसे अधिक हाशिये पर रहने वाले समुदायों को प्रभावित कर रहा है। हमारी प्रतिक्रिया ऐसी होनी चाहिए कि हम समाज के सबसे कमजोर वर्गों की सुरक्षा कर सकें।”

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 48ए और 51ए(g) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य और नागरिकों का कर्तव्य है कि वे पर्यावरण की सुरक्षा करें और वन्यजीवों को संरक्षित करें। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे बुजुर्गों ने हमें पीढ़ी दर पीढ़ी प्रकृति की जानकारी दी है, जिसे हमें नहीं खोना चाहिए।

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