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भारत में वेतन वृद्धि का अनुमान देश के आर्थिक विकास की ओर सकारात्मक संकेत दे रहा है। एओन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में वेतन में 9.5% की वृद्धि हो सकती है, जो 2024 के 9.3% से अधिक होगी। इस वृद्धि का मुख्य कारण विभिन्न उद्योगों में बढ़ती मांग और स्थिरता है, जो नौकरी छोड़ने की दर में कमी लाने की भी संभावना दिखाता है।

उद्योगों में उल्लेखनीय वृद्धि
इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे उद्योगों में वेतन 10% तक बढ़ने की उम्मीद है। वित्तीय संस्थाओं में वेतन वृद्धि 9.9% हो सकती है, जिससे यह साफ है कि कंपनियां अच्छे कर्मचारियों को महत्व दे रही हैं और उन्हें बनाए रखने की दिशा में काम कर रही हैं।

टेक्नोलॉजी और सर्विसेज क्षेत्र
टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स में वेतन वृद्धि का अनुमान 9.3% है, जबकि टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग और सर्विसेज क्षेत्र में यह 8.1% तक बढ़ सकता है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में वेतन 9.9% तक बढ़ने का अनुमान है, जिससे यह क्षेत्र भी महत्वपूर्ण बना रहेगा।

नौकरी छोड़ने की दर में कमी
2022 में नौकरी छोड़ने की दर 21.4% थी, जो 2023 में घटकर 18.7% हो गई। 2024 में यह दर और घटकर 16.9% तक रहने का अनुमान है, जो श्रमिकों के बीच स्थिरता की ओर संकेत करता है।

सकारात्मक आर्थिक स्थिति
एओन के पार्टनर रूपंक चौधरी का कहना है कि यह रिपोर्ट भारत के व्यवसाय और अर्थव्यवस्था के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है, खासकर लाइफ साइंस, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों में।

डेटा का संग्रहण और भविष्य की योजना
यह रिपोर्ट जुलाई और अगस्त में 40 उद्योगों की 1,176 कंपनियों के डेटा का विश्लेषण करके तैयार की गई है। एओन ने बताया कि इसका दूसरा चरण 2025 की शुरुआत में आएगा, जिसमें दिसंबर और जनवरी में इकट्ठा किया गया डेटा शामिल होगा।

अर्थव्यवस्था का असर
भारत में वेतन वृद्धि का मुख्य कारण देश की तेज अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रही थी, और वित्त वर्ष 2024-25 में यह 7.2% रहने का अनुमान है, जिससे आर्थिक विकास का यह रुझान आगे भी जारी रहेगा।

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