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चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ
केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
लोक गीतों की धुनों के बीच सीएम आवास में निखरे होली के रंग, होली मिलन कार्यक्रम में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार’
मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक उल्लास के साथआयोजित हुआ होली मिलन समारोह
सीएम धामी ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां जनता ने पुष्पवर्षा कर किया भव्य स्वागत
सीएम धामी ने हल्द्वानी में कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की मां नन्दा राजजात यात्रा मार्गो पर अवस्थापना सुविधाओं केे विकास हेतु ₹ 3.08 करोड की धनराशि

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बुलडोजर एक्शन पर सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है और सड़कों या रेलवे ट्रैक पर अतिक्रमण करने वाले किसी भी धार्मिक ढांचे, चाहे वह मंदिर हो या दरगाह, को हटाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान धर्म के आधार पर नहीं हो सकता है, क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।

इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने बिना न्यायिक मंजूरी के देशभर में तोड़फोड़ पर रोक लगाने वाले अपने 17 जुलाई के अंतरिम आदेश को जारी रखा है, जिसमें निजी संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी। यह आदेश अगले निर्देश तक लागू रहेगा, लेकिन सड़कों, फुटपाथों, और रेलवे लाइनों पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने पर कोई रोक नहीं होगी।

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