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मुंबई। देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार पांचवें सप्ताह बढ़ता हुआ समाप्त सप्ताह में 642.631 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 14 करोड़ डॉलर बढ़ गया। यह वृद्धि सोने के भंडार का मूल्य बढऩे के कारण है जो विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा है। इसमें 34.7 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में 12.3 करोड़ डॉलर की गिरावट आई।

इससे पहले 15 मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 642.492 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर रहा था। विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि से आरबीआई को रुपये के अस्थिर होने पर उसे स्थिर करने के लिए अधिक गुंजाइश मिलती है। ऐसा इसलिए क्योंकि आरबीआई रुपये को भारी गिरावट से बचाने के लिए अधिक डॉलर जारी करके हाजिर और वायदा मुद्रा बाजारों में हस्तक्षेप करता है।

इसके विपरीत, विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट से आरबीआई के पास रुपये को सहारा देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए कम विकल्प बचता है। विदेशी मुद्रा भंडार पर अच्छी खबर फरवरी में निर्यात के 11 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और व्यापार घाटे में गिरावट के कारण भी आई है। यह देश के बाहरी संतुलन के मजबूत होने का संकेत देता है जो आगे चलकर रुपये के लिए शुभ संकेत है।

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