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नई दिल्ली। फ्रांस अपने संविधान में गर्भपात के अधिकारों को शामिल करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। इस प्रस्ताव को फ्रांसीसी संसद के दोनों सदनों में सांसदों की तरफ से 780 के मुकाबले 72 वोटों से मंजूरी दे दी गई, जो फ्रांसीसी संविधान को बदलने के लिए जरूरी तीन-पांचवें बहुमत को पूरा करता है। इस फैसले के बाद फ्रांस गर्भपात को संवैधानिक अधिकार देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। सोमवार को फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संसद के दोनों विशेष सदनों में गर्भपात को संवैधानिक अधिकार का दर्जा दिलाया है।

जानकारी के मुताबिक फ्रांस की संसद में इस प्रस्ताव को लेकर ज्यादातर सभी ने इसके पक्ष में मतदान किया। साथ ही इस विधेयक को 780-72 मतों से मंजूरी दी गई। इस कानून को पास होने से पहले इमैनुएल मैक्रों ने कहा मैने वादा किया था कि गर्भपात को महिलाओं का संवैधानिक अधिकार मिलेगा। फ्रांस के पीएम गेब्रियल ने कहा कि हम सभी महिलाओं को एक संदेश भेज रहे हैं, महिलाओं का शरीर उनका है और कोई भी उनके बदले निर्णय नहीं ले सकता है। आपको बता दें कि फ्रांस में 80 प्रतिशत लोग इस फैसले के पक्ष में हैं। इसी वजह से देश में ये एतिहासिक फैसला लिया गया है।

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