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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को रेलवे की नीतियों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। राहुल गांधी ने सरकार पर मध्यम वर्ग को रेलवे की प्राथमिकता से बाहर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोगों को ‘एलिट ट्रेन’ की तस्वीर दिखाकर लुभाया जा रहा है, जिस पर गरीब पैर भी नहीं रख सकते। एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को रेलवे की प्राथमिकता से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने पोस्ट में कहा, “हवाई चप्पल वाले लोगों ने हवाई जहाज से यात्रा करने का सपना देखा, नरेंद्र मोदी उनसे ‘गरीबों की रेलवे’ छीन रहे हैं। हर साल किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बीच, डायनेमिक किराए के नाम पर लूट, बढ़ती कैंसिलेशन शुल्क और महंगे प्लेटफ़ॉर्म टिकट के अलावा, लोगों को एक ‘एलिट ट्रेन’ की तस्वीर दिखाकर लुभाया जा रहा है, जिस पर गरीब पैर भी नहीं रख सकते।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले तीन वर्षों में वरिष्ठ नागरिकों को दी गई छूट छीनकर उनसे 3,700 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। उन्होंने आगे कहा, “गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को रेलवे की प्राथमिकता से बाहर कर दिया गया है। एसी कोचों की संख्या बढ़ाने के लिए जनरल कोचों की संख्या कम की जा रही है, जिसमें न केवल मजदूर और किसान बल्कि छात्र और नौकरीपेशा लोग भी यात्रा करते हैं। का उत्पादन एसी कोचों को भी सामान्य कोचों की तुलना में तीन गुना तक बढ़ाया गया है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि रेल बजट को अलग से पेश करना इन कारनामों को छिपाने की साजिश है। उन्होंने कहा, “केवल अमीरों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही रेलवे नीतियां भारत की 80 फीसदी आबादी के साथ विश्वासघात है जो रेलवे पर निर्भर हैं। मोदी पर भरोसा ‘विश्वासघात की गारंटी’ है।”

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